अलवर

अलवर जिले में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के लिए खिलाड़ियों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान, 5 हजार लोगों ने दिया समर्थन

अलवर जिला मुख्यालय पर सिंथेटिक ट्रैक की मांग को लेकर खिलाडियों और खेल प्रेमियों ने सिंथेटिक ट्रैक की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया।

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Mar 23, 2021
,,अलवर जिले में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के लिए खिलाड़ियों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान, 5 हजार लोगों ने दिया समर्थन

अलवर. अलवर में खिलाडियों के लिए सिंथेटिक ट्रैक बनवाने की मुहिम तेज हो गई है। सोमवार को जिला एथलेटिक्स संघ के तत्वावधान में सुबह 6 बजे से 8 बजे तक बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय व राजर्षि महाविद्यालय के एथलेटिक्स ट्रैक पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिसमें अलवर के खिलाडियों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। पहले दिन करीब 5000 हस्ताक्षर किए गए। जिला एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष उमराव लाल सैनी ने बताया कि पिछले दस सालों से सिंथेटिक ट्रैक बनवाने की मांग की जा रही है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। आगे भी खिलाडी शांतिपूर्वक इस अभियान को चलाएंगे। इस मौके पर शंकर सिंह राजपूत, एथलेटिक कोच अजीत सिंह, कोच गंगा सहाय, इंटरनेशनल खिलाडी धारा यादव, नेशनल खिलाडी रणजीत सिंह, लोकेश चौधरी, पलक जैन, प्रदीप कुमार सैनी, राजा, एथलेटिक कोच युसूफ खान सहित अन्य नेशनल खिलाडियों ने इसमें सहयोग किया।

25 साल में मांग, नहीं हो रही पूरी

अलवर जिले के युवा पूरे समर्पण के साथ एथलेटिक्स की तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन प्रदेश की सरकारें हजारों युवाओं की एक उम्मीद को पिछले 25 सालों से अनदेखा किए हुए हैं। अलवर के युवाओं का एथलेटिक्स और खेल के प्रति अन्य जिलों से अधिक रुझान है। जिले के कई खिलाडी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश को मैडल दिला चुके हैं, फिर भी जिले को सिंथेटिक ट्रैक की मूलभूत सुविधा तक नहीं दी गई। जिन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद है वे कंकर और पत्थरों से भरे ट्रैक पर दौड़ने को मजबूर हैं। अलवर शहर में एथलेटिक्स की तैयारी के लिए तीन ट्रैक हैं। आरआर कॉलेज ग्राउंड, इंदिरा गांधी स्टेडियम व कला कॉलेज में भी ट्रैक बना हुआ है। तीनों ही ट्रैक के हालात खराब हैं। आलम ये है कि खिलाड़ी अपनी जेब से पैसा खर्च कर ट्रैक पर पानी डलवा रहे हैं, अभ्यास से पहले प्रतिदिन ट्रैक की सफाई करनी पड़ती है। मिटटी के ट्रैक के कारण सैकड़ों खिलाड़ी चोटिल होकर अभ्यास छोड़ चुके हैं।

अन्य जिलों में अभ्यास के लिए जा रहे युवा, वहीं की झोली में मैडल

अलवर के कई एथलेटिक्स खिलाड़ी अभ्यास के लिए जयपुर, श्रीगंगानगर सहित अन्य जिलों में अभ्यास के लिए जा रहे हैं। वहां उन्हें सिंथेटिक ट्रैक की सहूलियत तो है लेकिन कहीं अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। सरकार की ओर से चूरू में सिंथेटिक ट्रैक बनवा दिया गया लेकिन खेलों के हब अलवर की तरफ ध्यान नहीं दिया। जिला एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष कैप्टन उमराव सैनी का कहना है कि मिट्टी में दौड़ने से खिलाड़ी घुटने, हेमस्ट्रिंग और बैक की परेशानियां झेल रहे हैं। इस मांग को भारत सरकार और राजस्थान सरकार के समक्ष कई बार रख चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई।

50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पदक जीत चुके

अलवर के एथलेटिक्स खिलाड़ी अब तक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 50 से अधिक मैडल जीत चुके हैं। यह प्रतिभाएं मिट्टी के ट्रैक पर दौड़कर कमाल कर सकतीं हैं तो सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास कर यहां के खिलाड़ी देश और प्रदेश की झोली में और अधिक मैडल डाल सकते हैं। वर्ष 1990 के एशियाई खेलों में राम निवास ने गोल्ड मैडल जीता था। इनके अलावा सबल प्रताप सिंह, रतिराम सैनी, हरी सिंह, अनिल कुमार आदि पदक जीत चुके हैं।

Published on:
23 Mar 2021 05:59 pm
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