अलवर

एक फ्लेट पर खर्च की रकम, चार साल बाद हो गए दोगुने

अलवर. निवेश का ट्रेंड बदल रहा है। पहले लोग बचत की राशि को बैंक में जमा करते थे या फिर एफडी करवाते थे। अब तरीके दूसरे हैं। लोग फ्लैट खरीद रहे हैं। दिलचस्प ये है कि फ्लैट पर लगाई गई राशि चार साल में दोगुना मुनाफा देकर जा रही है। यानी एक दशक में एक फ्लैट पर खर्च की गई राशि से ही तीन फ्लैट और खरीदे जा रहे हैं। ये ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है। तमाम लोग प्लॉट भी खरीद रहे हैं। जमीनों के पंजीयन भी खूब हो रहे हैं।

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Jun 17, 2023
एक फ्लेट पर खर्च की रकम, चार साल बाद हो गए दोगुने

निवेश का बदल रहा ट्रेंड, बैंक में राशि जमा कर रहे न एफडी करा रहे, सीधे फ्लैट खरीदकर दोगुना मुनाफा कमा रहे


निवेश का बदल रहा ट्रेंड, बैंक में राशि जमा कर रहे न एफडी करा रहे, सीधे फ्लैट खरीद रहे

- तीन वर्ष में एक दर्जन से अधिक गगनचुंबी इमारतें बनीं, इनमें 200 से ज्यादा फ्लैट बुक पर रहता कोई नहीं
- इमारतों पर चढ़ रही है धूल पर चार साल में यहीं से फ्लैट के दाम हो रहे दोगुनी, बिल्डरों की भी बल्ले-बल्ले

अलवर. निवेश का ट्रेंड बदल रहा है। पहले लोग बचत की राशि को बैंक में जमा करते थे या फिर एफडी करवाते थे। अब तरीके दूसरे हैं। लोग फ्लैट खरीद रहे हैं। दिलचस्प ये है कि फ्लैट पर लगाई गई राशि चार साल में दोगुना मुनाफा देकर जा रही है। यानी एक दशक में एक फ्लैट पर खर्च की गई राशि से ही तीन फ्लैट और खरीदे जा रहे हैं। ये ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है। तमाम लोग प्लॉट भी खरीद रहे हैं। जमीनों के पंजीयन भी खूब हो रहे हैं।

इंजीनियर इस तरह कर रहे हैं निवेश

बजाजा बाजार के रहने वाले विजय सिंह गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने नया व्यवसाय शुरू कर दिया। उन्होंने नौकरी के जरिए तीन साल में 40 लाख तक की बचत की और उन्होंने दिल्ली मार्ग िस्थत एक गगनचुंबी इमारत में फ्लैट खरीद लिया। कहते हैं कि अब उसके फ्लैट की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। उसे बेचकर वह दो अन्य फ्लैट बुक करेंगे। कहते हैं कि पास में ही नौकरी है। इस व्यवसाय के लिए भी शनिवार व रविवार का दिन मिल जाता है। स्कीम नंबर एक के रहने वाले विनोद शर्मा दिल्ली में इंजीनियर हैं। वह भी मोती डूंगरी एरिया में बनी एक गगनचुंबी इमारत में निवेश के परपज से फ्लैट लिए हैं। तीन साल में ही फ्लैट के रेट 80 फीसदी बढ़ गए।
इन मार्गों पर गगनचुंबी इमारतें लगभग खाली
शहर के दिल्ली मार्ग पर तीन गंगनचुंबी इमारते बनी हैं जो लगभग खाली हैं। कुछ ही लोग यहां रह रहे हैं। यहां रहने वाले एक परिवार के लोगों ने बताया कि फ्लैट सब बिक चुके पर रहता कोई नहीं। इसी तरह भवानी तोप के आसपास भी कुछ इमारतें बनी हैं। वहां भी फ्लैट बिक चुके लेकिन यहां गिनती के ही लोग रहते हैं। तिजारा मार्ग पर भी इसी तरह इमारते हैं जो बिकने के बाद भी खाली दिखती हैं। कोई यहां नहीं रहता।

बढ़ रही हैं रजिस्टि्रयां
शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों से हर माह 400 से ज्यादा रजिस्टि्रयां हो रही हैं। सब रजिस्ट्रार द्वितीय अनिल गोयल कहते हैं कि रजिस्टि्रयों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लोग घरों पर निवेश कर रहे हैं।

Published on:
17 Jun 2023 12:01 pm
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