सिलीसेढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में नटनी हेरिटेज होटल के अवैध निर्माण मामले में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को अलवर एडीजे संख्या-एक कोर्ट में अपना जवाब और दस्तावेज पेश किए। न्यायाधीश धीरज शर्मा ने कोर्ट में प्रशासन की ओर से पेश ड्रोन के वीडियो को देखा।
अलवर.
सिलीसेढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में नटनी हेरिटेज होटल के अवैध निर्माण मामले में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को अलवर एडीजे संख्या-एक कोर्ट में अपना जवाब और दस्तावेज पेश किए। न्यायाधीश धीरज शर्मा ने कोर्ट में प्रशासन की ओर से पेश ड्रोन के वीडियो को देखा। इसके बाद प्रकरण में मौका कमिश्नर नियुक्त करते हुए 7 सितम्बर 2024 से मौका रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।
अपर लोक अभियोजक भूपेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि प्रशासन ने रिपोर्ट में सन 1922 से लेकर अब तक का रेवेन्यू रिकॉर्ड व नक्शे आदि दस्तावेज पेश किए। साथ ही सिलीसेढ़ से जयसमंद बांध तक ड्रोन से कराई वीडियोग्राफी पेश की। न्यायाधीश ने खुली कोर्ट में इस वीडियो को देखा, जिसमें सिलीसेढ़ बांध की ऊपरा का पानी नटनी हेरिटेज होटल की दीवार से टकराता और टूटी दीवार के हिस्से से पानी अंदर जाता नजर आया। इस वीडियो को देखने के बाद कोर्ट संतुष्ट हुआ। वहीं, होटल मालिकों की ओर से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने एमओयू के आधार पर निर्माण कराया। जिस पर कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित विभागों से एनओसी और भू-रूपातंरण तक कोई निर्माण नहीं किया जाए।
केन्द्र सरकार के आदेश हैं कि नाले से 50 मीटर और नदी से 100 मीटर छोड़कर निर्माण किया जाए। प्रकरण में न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता गिर्राज प्रसाद गुप्ता को मौका कमिश्नर नियुक्त किया। साथ ही मय प्रशासन के तहसीलदार, पटवारी व कानूनगो की मौजूदगी में मौका कमिश्नर के साथ रेवेन्यू रिकॉर्ड के आधार पर नपाई कराई जाए कि नटनी हेरिटेज होटल का निर्माण नाले से कितनी दूरी पर है। इस दौरान दोनों पक्षों को साथ लेकर जाएं। मौका रिपोर्ट तैयार कर 7 सितम्बर 2024 को न्यायालय में पेश करें।