
दो लोकसभा चुनावों में भाजपा को हर बार जहां 60 फीसदी वोट मिल रहे हैं। वहीं कांग्रेस 33 से 34 फीसदी वोटों तक ही सिमट रही है। दोनों पार्टियों के बीच वोटों का अंतर 27.71 फीसदी तक का है। इस अंतर को पाटना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। वहीं इस ऊंचाई पर बने रहना भी भाजपा के लिए आसान काम नहीं है। ऐसे में दोनों ही दल ताकत झोके हुए हैं। भाजपा ऊंचाई पर बने रहने के लिए रणनीति बना रही है। वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के आधार पर अपने को मजबूत मान रही है।
ये हैं चुनावी आंकड़े
वर्ष 2014 के चुनाव में मतदान 65.31 फीसदी हुआ था। भाजपा को 60.42 फीसदी वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस को 33.71 फीसदी। बसपा भी 1.83 फीसदी वोट पाई थी। यहां भाजपा व कांग्रेस के वोटों का अंतर 26.71 फीसदी रहा। इसी तरह वर्ष 2019 में मतदान प्रतिशत 67.17 रहा था। भाजपा को 60.06 फीसदी वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस को 33.99 फीसदी। बसपा के वोट बैंक में इजाफा हुआ था। इनका वोट प्रतिशत 4.48 रहा। नोटा भी 0.43 फीसदी वोट लेकर गया था। इस तरह दोनों पार्टियों के बीच वोटों का अंतर 27.07 फीसदी रहा।
उप चुनाव में बदला था माहौल
वर्ष 2017 में उपचुनाव हुए थे। उस दौरान कांग्रेस के वोट प्रतिशत में जबर्दस्त उछाल आया। कांग्रेस को जहां 57.43 फीसदी मत मिले। वहीं भाजपा को 40.07 फीसदी वोटों से ही संतुष्ट रहना पड़ा। नोटों को 1.12 फीसदी वोट मिले थे। दोनों दलों के मध्य करीब 17 फीसदी वोटों का अंतर रहा। उप चुनाव ने ही कांग्रेस को संजीवनी दी थी।
ये मिले पार्टियों को वोट
पार्टी 2014 2019
भाजपा 642278 760201
कांग्रेस 358383 430230
बसपा 19483 56649