अलवर

Digital Arrest: राजस्थान में बैठकर अमरीका व कनाडा के लोगों को बनाते शिकार, 96 लाख रुपए ठगे; 3 आरोपी गिरफ्तार

Digital Arrest Gang Rajasthan: भिवाड़ी पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनसे सात लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और ठगी में प्रयुक्त एक लग्जरी गाड़ी जब्त की है।
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Jul 17, 2026
International cyber fraud gang
भिवाड़ी में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार। फोटो: पत्रिका

अलवर। भिवाड़ी पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनसे सात लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और ठगी में प्रयुक्त एक लग्जरी गाड़ी जब्त की है। गिरफ्तार ठगों के नाम मोहित गुप्ता (35) निवासी द्वारका सेक्टर 8 दक्षिणी दिल्ली, राहुल सिंह (34) करावल नगर दिल्ली और जेम्स अनिल मंडल (35) निवासी इकबालपुर, कोलकाता हैं। इन सभी को भिवाड़ी के आशियाना टाउन सोसायटी के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया है।

यह गिरोह अमरीका और कनाडा जैसे देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर करीब 96 लाख रुपए ( एक लाख डॉलर) की ठगी कर चुका है। आरोपियों ने दो फ्लैट की दीवार तोड़कर एक बड़ा अड्डा बना रखा था, जहां से वे हाई-स्पीड वाई-फाई और अन्य उपकरणों का उपयोग कर ठगी करते थे। खुद को अमरीका के न्याय विभाग, एफबीआइ सहित अन्य बड़े विभागों का अधिकारी बताकर फर्जी गिरफ्तारी वारंट और सेटलमेंट नोटिस भेजते थे। पीड़ितों को क्रेडिट कार्ड का डेटा लीक होने का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट करते थे। ठगी की रकम क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से प्राप्त की जाती थी।

जिस फ्लैट से पकड़ा, वह आरोपी मोहित के पिता के नाम से

एसपी बृजेश उपाध्याय के निर्देश पर गठित टीम ने यह कार्रवाई की। भिवाड़ी थाने में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एएसपी श्रीमन लाल मीणा ने बताया कि जिस फ्लैट में अड्डा बनाया गया था, यह मोहित गुप्ता के पिता के नाम से खरीदा हुआ है। ये लोग कब से यहां ठगी कर रहे थे, इसकी जानकारी ली जा रही है। ठगी में इनके साथ संलिप्त लोगों की पहचान भी की जा रही है। इन्हें विदेशियों का डेटा और वहां की एजेंसी की ओर से किस प्रकार के दस्तावेज तैयार किए जाते हैं, इसकी जानकारी कैसे मिलती थी, उक्त जानकारी भी ली जा रही है।

विदेशियों की पूरी जानकारी निकाल नोट तैयार करते थे

डीएसपी कैलाश चौधरी ने बताया कि आरोपी विदेशियों को ठगने से पहले उनकी पूरी जानकारी निकालकर नोट तैयार करते थे। उनसे क्या बात करनी है, इसका अभ्यास लिखकर दीवार पर नोटस चिपकाकर शीशे के सामने करते थे। पकड़ा गया आरोपी मोहित इंजीनियर है और पूर्व में सॉफ्टवेयर डवलपर का काम कर चुका है। थानाधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि आरोपी ठगी करने के बाद डेट को डिलीट कर देते थे। आरोपियों से पूछताछ जारी है। उन्हें इस संबंध में कहां प्रशिक्षण मिला, उनके तार किस नेटवर्क से जुड़े हैं, उक्त बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

Updated on:
17 Jul 2026 09:21 am
Published on:
17 Jul 2026 09:20 am