शहर के पहाड़गंज मोहल्ले में एक सप्ताह से टाइगर का मूवमेंट बना हुआ है। टाइगर रोज रात को मोहल्ले में आ रहा है, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और
शहर के पहाड़गंज मोहल्ले में एक सप्ताह से टाइगर का मूवमेंट बना हुआ है। टाइगर रोज रात को मोहल्ले में आ रहा है, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और लोगों को शाम ढलते ही घरों में बंद रहने की हिदायत देकर आई, लेकिन वन विभाग के अफसर फिर भी यहां टाइगर के मूवमेंट नहीं होने की बात कह रहे हैं। जबकि मोहल्ले के कई लोग अब तक टाइगर को देख चुके हैं।
सरिस्का के बफर जोन बाला किला क्षेत्र में फिलहाल चार टाइगर रह रहे हैं। दो बाघ-बाघिन ने अपनी टेरेटरी बनाई हुई है तथा दो शावक भी उनके साथ हैं। बाला किला से सटे पहाड़गंज मोहल्ले के पहाड़ पर पिछले पांच-सात दिन से टाइगर और उनके शावक घूम रहे हैं। रात के अंधेरे में रोजाना इनमें से एक टाइगर पहाड़ से उतरकर पहाड़गंज मोहल्ले में आ रहा है। टाइगर से यहां एक नीलगाय का शिकार भी किया। लोगों में दहशत है। शुक्रवार शाम को वन विभाग की टीम भी मोहल्ले में पहुंची।
टीम ने मोहल्ले के लोगों से बातचीत की तथा पहाड़ी के आसपास के क्षेत्र में घूमकर टाइमर के पगमार्क जांचे, लेकिन उन्हें पगमार्क नहीं मिले। इसके बाद टीम ने मोहल्ले के लोगों को शाम ढलते ही अपने घरों में दरवाजे बंद रखने तथा घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी। उधर, वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह का कहना है कि पहाड़गंज मोहल्ले में टाइगर का मूवमेंट नहीं है। टीम ने वहां पहुंचकर जांच की, लेकिन कोई पगमार्क नहीं मिले। फिर भी टीम पूरी निगरानी रख रही है।
मोहल्ले वासी हरिप्रसाद, विक्रांत, मंगतूराम मीणा, मदनलाल शर्मा, जगदीश सिंह, कृष्णा देवी व शीला देवी ने बताया कि तीन-चार दिन पहले शाम को पहाड़ी पर टाइगर के दो शावक आपस में खेल रहे थे, जिन्हें देखने मोहल्ले के लोग छतों पर चढ़ गए। मंगतूराम ने दावा किया कि पैंथर नहीं बल्कि टाइगर का मूवमेंट है। उन्होंने खुद टाइगर को देखा है।
पहाड़गंज मोहल्ले में पहाड़ी पर कई लोगों ने कब्जे कर लिए हैं और मकान बनाकर रह रहे हैं। टाइगर के मूवमेंट की सूचना पर शुक्रवार को वन विभाग की टीम वहां पहुंची। टीम ने पहाड़ी पर अवैध रूप से बसे लोगों को यहां से मकान खाली करने के लिए भी कहा।