अलवर के तिजारा थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पालपुर रोड पर एक सूखे कुएं में लावारिस नवजात बच्ची मिली है। ग्रामीणों की सूझबूझ से बच्ची को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया। बच्ची के शरीर पर मिले सरकारी निशानों से अब उसके माता-पिता की तलाश तेज हो गई है।
Alwar News: तिजारा के पालपुर रोड इलाके में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब राहगीरों ने एक सूखे 80 फीट गहरे कुएं से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो कुएं की गहराई में एक नवजात शिशु पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए एकजुट होकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी । मौके पर पहुँची पुलिस ने बच्ची को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उसका गहन परीक्षण किया । गनीमत रही कि कुएं में गिरने के बावजूद बच्ची को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित है ।
अस्पताल में बच्चों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि बच्ची का वजन करीब ढाई किलो है और वह पूरी तरह स्वस्थ है । नर्सिंग स्टाफ की ओर से बच्ची को फीडिंग कराई गई है। डॉक्टर के अनुसार, बच्ची का जन्म मिलने के समय से करीब 24 से 48 घंटे पहले हुआ लगता है ।
इस मामले में सबसे अहम सुराग बच्ची के शरीर पर मौजूद निशान हैं। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की नाल (umbilical cord) पर सरकारी क्लिप लगी हुई है और उसके पंजों पर भी सरकारी प्रिंट मौजूद है। इन निशानों से यह साफ जाहिर होता है कि बच्ची का प्रसव किसी सरकारी अस्पताल में ही हुआ है। पुलिस अब आसपास के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के डिलीवरी रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले 48 घंटों में कहाँ-कहाँ बच्चियों का जन्म हुआ है।
बच्ची की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य जांच के लिए उसे तिजारा से अलवर के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। वहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में बच्ची की अन्य जरूरी जांचें की जा रही हैं। दूसरी ओर, तिजारा थाना अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि पुलिस की ओर से मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में और किसने इस मासूम को मरने के लिए कुएं में फेंका। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर काफी रोष है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।