काठूवास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 के रेवाड़ी-नारनौल सेक्शन पर सफर एक बार फिर महंगा होने वाला है। दरअसल रेवाड़ी शहर के लिए तैयार किए गए नए ग्रीन फील्ड हाइवे (आउटर बाइपास) के साथ काठूवास गांव में फ्लाईओवर तैयार होने के बाद राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल की दरों में वृद्धि का निर्णय लिया है।
अलवर/मांढण. काठूवास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 के रेवाड़ी-नारनौल सेक्शन पर सफर एक बार फिर महंगा होने वाला है। दरअसल रेवाड़ी शहर के लिए तैयार किए गए नए ग्रीन फील्ड हाइवे (आउटर बाइपास) के साथ काठूवास गांव में फ्लाईओवर तैयार होने के बाद राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल की दरों में वृद्धि का निर्णय लिया है। संभावना है कि अगले सप्ताह टोल की दरों में इजाफा किया जाएगा।
प्राधिकरण की तरफ से प्रस्तावित वृद्धि का प्रपोजल मंत्रालय को भेज दिया गया है। फिलहाल प्राधिकरण की तरफ से 28 किलोमीटर का ही टोल लिया जा रहा है। आउटर बाइपास का 8.9 किमी, काठूवास में लगभग 3 किमी का हिस्सा तैयार राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से एनएच-352 से नारनौल रोड तक का 14.1 किलोमीटर का नया ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किया जाएगा।
प्राधिकरण की तरफ जिस हिस्से को जमीन अधिग्रहण करके नए सिरे से तैयार किया जाता है। उसे ग्रीन फील्ड हाइवे का नाम दिया जाता है। जिसकी वजह से इन पर टोल की दरें अधिक होती है। फिलहाल रेवाड़ी आउटर बाइपास का 8.9 किलोमीटर का हिस्सा तैयार करके ट्रैफिक के लिए शुरू किया जा चुका है।
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अब केवल 6 किमी का हिस्सा शेष जो भी इस दिसंबर माह के अंत तक तैयार हो जाएगा। वहीं अलवर जिला के गांव काठूवास में भी लगभग 3 किलोमीटर का सेक्शन फ्लाईओवर कार्य की वजह से अधूरा पड़ा था। अब काठूवास गांव का भी यह सेक्शन तैयार हो चुका है। इस वजह से प्राधिकरण ने टोल दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। फिलहाल प्राधिकरण रेवाड़ी से अटेली तक के सेक्शन के 28 किलोमीटर का ही टोल लिया जा रहा है । अब 12 किमी का सेक्शन और तैयार होने के बाद वृद्धि की जाएगी।
निर्माण की रफ्तार धीमी
राजमार्ग पर जिला के गांव पाली के समीप भी रेवाड़ी-रींगस रेलमार्ग पर ओवरब्रिज तैयार किया जा रहा है। यह राजमार्ग के सफर में अभी भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। इस ओवरब्रिज का निर्माण पीडब्ल्यूडी की नेशनल हाइवे विंग की ओर से कराया जा रहा है और प्रोजेक्ट भी तय अवधि से 1 साल से भी लेट है।
वृद्धि का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा
15 से 200 रुपए तक बढ़ोतरी होने की संभावना प्राधिकरण की तरफ से मंत्रालय को आउटर बाइपास और काठूवास फ्लाईओवर तैयार होने के बाद मौजूदा टोल में 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रपोजल भेजा गया है। हालांकि अभी तक मुख्यालय से इसे फाइनल नहीं किया गया है। इतना अवश्य तय है कि बढ़ोतरी 30 से 35 प्रतिशत के बीच ही होगी। इसके बाद मौजूदा दरों में 15 रुपए से 200 रुपए तक की वृद्धि हो सकती है। यहां पर अधिक इजाफा की वजह शहर का आउटर बाइपास भी है क्योंकि इसके निर्माण पर प्राधिकरण को 850 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करना पड़ा है।
अभी हमें टोल दरों में वृद्धि का नोटिफिकेशन नहीं मिला है। जैसे ही टोल वृद्धि का आदेश मिलेंगे उसके बाद ही टोल में वृद्धि की जाएगी।
लोकेंद्र शर्मा, टोल मैंनेजर काठूवास