अलवर

अकबरपुर अस्पताल में मलेरिया के दो केस आए, दोनों मां-बेटे

इन दिनों मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय अस्पताल में मलेरिया के दो रोगी जांच में सामने भी आए हैं।
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Sep 12, 2025
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अकबरपुर. क्षेत्र के पहाड़ों से सटे गांवों में मलेरिया ने दस्तक देना शुरू कर दी है। इन दिनों मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय अस्पताल में मलेरिया के दो रोगी जांच में सामने भी आए हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार रुंध सिरावास गांव में मां-बेटे मलेरिया से ग्रसित पाए हैं। पलखड़ी अस्पताल क्षेत्र के रुंध सिरावास निवासी 11 वर्षीय अंकित पुत्र रामसिंह और 35 वर्षीय सुनीता पत्नी रामसिंह के जांच में मलेरिया पॉजिटिव आया है। जिनको अकबरपुर अस्पताल में भर्ती कराया है। साथ ही चिकित्सा टीम को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए निर्देशित किया गया है। गौरतलब है कि सरिस्का के पहाड़ों से सटे गांवों को बरसात रुकने के बाद मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टायफस जैसी बीमारी के लिए अतिसंवेदनशील माना जाता है। यहां मच्छरों के अनुकूल वातावरण मिल जाता है। वह अपने अंडे पानी में छोड़ देते हैं। तेजी से मच्छर पनपने से मच्छर जनित बीमारी का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इन गांवों में खतरा अधिक

क्षेत्र के माध़ोगढ़, कुशालगढ़, कालाछारा, इंदोक, रईका, बेरा, कालीखोल, ढहलावास, ऱोगडा, रुंध सिरावास, रिंगसपुरी, डोबा आदि गांवों को मच्छर जनित बीमारियों कें लिए अतिसंवेदनशील माना गया है।

यह दी हिदायत

ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमरैण डॉक्टर जितेंद्र शेखर ने बताया कि मलेरिया के केस आने के बाद संबंधित एएनएम, एलएचवी को मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के दिशा-निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में फॉगिंग कराने, एमएलओ और टेमीफोस दवा का छिड़काव कराने, पानी इकट्ठा न होने देने की हिदायत दी है। लोगों की मलेरिया स्लाइड ली गई है। इस मौसम में मच्छर जनित बीमारी फैलने का ज्यादा डर है। एंटी लार्वा दवा गंदे पानी, नालियों में डाला जा रहा है।.............

टीम को सतर्क कर दियामच्छर जनित बीमारी को लेकर पहले से ही क्षैत्र में सतर्कता बरती जा रही है। अब दो केस पाए जाने के बाद टीम को सतर्क कर दिया है। लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं।

डॉ. जितेंद्र यादव, अस्पताल प्रभारी अकबरपुर।

Published on:
12 Sept 2025 12:13 am