
अलवर.
अलवर शहर में प्रशासन की लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। शहर के ब्रह्मचारी मोहल्ले में 84 वर्षीय सेवानिवृत शिक्षक को लावारिस गाय ने सींगों से टक्कर मारते हुए उछालकर फेंक दिया। बुधवार को इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। शहर के ब्रह्मचारी मोहल्ला गंगा मंदिर के पीछे निवासी मास्टर सेढूराम सैन (84) पुत्र धन्नालाल सैन सेवानिवृत शिक्षक थे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बुजुर्ग सेढूराम सैन खाना खाकर घर के बाहर टहलने जा रहे थे। घर से बाहर निकलते ही सड़क पर खड़ी एक लावारिस गाय ने सींगों से जबरदस्त टक्कर मारते हुए उछाल दिया। जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोट लगी। परिजन व आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत शहर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उनके कोमा में चले जाने की बात कहते हुए जयपुर रैफर कर दिया। उन्हें जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान बुजुर्ग सेढूराम सैन की मौत हो गई।
लावारिस पशुओं से कई हादसे फिर भी सबक नहीं
शहर में लावारिस पशुओं का जबरदस्त जमावड़ा लगा हुआ हैं। नगर परिषद और जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते लावारिस पशुओं से लगातार घटनाएं हो रही हैं। करीब दो साल पहले शहर के दिल्ली दरवाजा क्षेत्र में लावारिस सांड ने एक महिला को टक्कर मार दी थी। महिला को गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। कुछ देर देर बाद महिला की मौत हो गई। वहीं, राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में भी कुछ माह पहले लावारिस गोवंश ने एक बुजुर्ग को सींगों से टक्कर मार दी थी, जिससे बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया था। इनके अलावा भी अलवर में लावारिस गोवंश की टक्कर से कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
परिवार में मचा कोहराम, छह माह पहले हुई बेटे की मौत
मास्टर सेढूराम सैन की गाय की टक्कर से मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। करीब छह माह पहले फरवरी माह में सेढूराम के जवान बेटे महेश सैन उर्फ सिंटू की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मौत से कुछ दो-तीन माह पहले महेश को भी गाय से सींगों से जबरदस्त टक्कर मारी थी, जिससे उनकी पसलियों में फ्रेक्चर हो गया था।
शिक्षक के रूप में कई बड़े सम्मान मिले
मृतक सेढूराम सैन की शिक्षक के रूप में अलवर में बड़ी पहचान थी। शिक्षक की नौकरी के दौरान उन्हें एक बार इंग्लैंड से सम्मान मिला और वहां से किताबें भेजी गई। इसके अलावा एनसीआरटी की तरफ से उन्हें कई बार सम्मानित किया गया था।
सैन समाज में शोक की लहर
मृतक सेढूराम सैन अखिल भारतीय नारायणीधाम सैन महासभा अलवर के संरक्षक थे। उनके निधन से पूरे समाज में शोक की लहर छा गई। महासभा के महामंत्री डॉ. अशोक तंवर ने बताया कि इस घटना से सैन समाज ने एक अनमोल मोती खो दिया है। जवान बेटे की मौत के बाद वे पूरी तरह से टूट चुके थे, लेकिन सामाजिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता किसी भी रूप में कम नहीं हुई थी।