सावन मास के अंतिम सोमवार को अलवर शहर में अध्यात्म और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। शक्ति शिव सेवक योग साधना अखाड़ा की ओर से गणपति विहार कॉलोनी, तिजारा फाटक पर भव्य सत्संग एवं भंडारे का आयोजन किया गया।
सावन मास के अंतिम सोमवार को अलवर शहर में अध्यात्म और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। शक्ति शिव सेवक योग साधना अखाड़ा की ओर से गणपति विहार कॉलोनी, तिजारा फाटक पर भव्य सत्संग एवं भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संतों की भव्य शाही सवारी (झांकी) नगर में निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं को अध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया। आयोजक डॉ. अनुपगिरी ने बताया कि इस आयोजन में देश के सभी राज्यों से विभिन्न संप्रदायों के संतों ने भाग लिया।
शाही सवारी में संत घोड़ों पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। उनके आगे-आगे भगवा ध्वज लहराते हुए श्रद्धालु “हर हर महादेव” के जयघोष कर रहे थे। रास्ते भर लोगों ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सत्संग व भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्ति भाव से वातावरण गूंज उठा। आयोजन ने धार्मिक एकता और अध्यात्म की गहरी छाप शहरवासियों के दिलों पर छोड़ी।