
अलवर शहर में पानी पर अब पुलिस का पहरा रहेगा। पुलिस की देखरेख में पानी सप्लाई किया जाएगा। शहर के एनईबी में पानी को लेकर कुछ लोगों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद बढऩे पर एक पक्ष थाने पहुंचा। कुछ देर बाद दूसरा पक्ष भी थाने में पहुंच गया। मामला बढऩे पर एनईबी पुलिस ने उस क्षेत्र में एक हैड कांस्टेबल को पानी वितरण कराने के कार्य पर लगाया है। उसकी देखरेख में ही क्षेत्र में पानी सप्लाई किया जाएगा।
शहर के वार्ड नम्बर 39 स्थित जाट कॉलोनी में सरकारी बोरिंग व टंकी लगी हुई है। जिस क्षेत्र में वह बोरिंग व टंकी लगी हुई है। वहां के लोग अन्य लोगों को पानी नहीं भरने देते। इस बात को लेकर शनिवार को दो पक्षों में विवाद हो गया। बाद में रविवार सुबह भी दोनों पक्षों में पानी भरने को लेकर विवाद हुआ। हंगामा बढऩे पर एक पक्ष एनईबी थाने में पहुंचा। उसने घटना की लिखित शिकायत भी दी।
इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद किया व उस क्षेत्र में हैड कांस्टेबल को लगाया है। उसकी देखरेख में पानी सप्लाई होगा व उनको क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
पानी को लेकर बढ़ रहा है विवाद:
जिले में पानी को लेकर विवाद बढ़ रहा है। बूंद बूंद पानी के लिए लोग रातभर जागते हैं व पानी भरने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। विभाग के अधिकारी समस्या का समाधान निकालने की जगह केवल बारिश का इंतजार करने में लगे हैं।
पुलिस रोज थोड़े रहेगी। वहां पानी को लेकर झगड़ा हो रहा था, इसलिए हैडकांस्टेबल भेजा था। पेयजल सप्लाई का कार्य जलदाय विभाग का है।
सुरेन्द्र कुमार, कार्यवाहक थाना प्रभारी एनईबी थाना
पानी के लिए किया प्रदर्शन
काशी राम चौराहे व महताब सिंह का नोहरा क्षेत्र के लोगों ने पानी की समस्या को लेकर रविवार को काशीराम चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने जलदाय विभाग के जेईएन को मौके पर बुलाकर समस्या बताई। लोगों का कहना था कि उनके क्षेत्र का पानी स्कीम नम्बर एक में सप्लाई किया जा रहा है। जबकि उनके क्षेत्र में पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। वहीं लालखान स्थित चमेली बाग क्षेत्र में कई दिनों से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। लोग कई बार इसकी शिकायत जलदाय विभाग के अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में लोगों को जीवन यापन करने में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
शहर के सिविल लाइन में गत एक महीने से लोगों के घरों में पानी नहीं आ रहा। इससे लोग पानी की पूर्ति के लिए परेशान हैं।