मौसम में बदलाव के चलते मौसमी बीमारियां पैर पसार रही है। इससे मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इनमें प्रतिदिन करीब 5-7 मरीज एनीमिक मिल रहे हैं। जिन्हें चिकित्सक की सलाह पर खून चढ़ाया जा रहा है।
अलवर.
मौसम में बदलाव के चलते मौसमी बीमारियां पैर पसार रही है। इससे मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इनमें प्रतिदिन करीब 5-7 मरीज एनीमिक मिल रहे हैं। जिन्हें चिकित्सक की सलाह पर खून चढ़ाया जा रहा है। ऐसे में ब्लड बैंक पर भी भार बढ़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार सामान्य दिनों में ब्लड बैंक में प्रतिदिन करीब 35 यूनिट ब्लड की खपत होती है। वहीं, पिछले कुछ दिनों से खून की खपत बढ़कर 70 यूनिट पर पहुंच गई है।
सामान्य दिनों में अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी करीब 700 से 1000 मरीजों की रहती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मेडिसिन ओपीडी में 1700-1800 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इसमें जुकाम-खांसी, गले में खराश और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। साथ ही मौसमी बीमारियों से पीड़ित करीब 60-70 मरीज हर दिन भर्ती हो रहे हैं।
अस्पताल के रेडियो डायग्नोसिस विभाग में आमतौर पर 280 से 300 एक्स-रे प्रतिदिन होते हैं, लेकिन अब हर दिन करीब 300 से 400 मरीजों के एक्स-रे हो रहे हैं। इसका कारण मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने के साथ ही चेस्ट एक्स-रे की संख्या में भी बढ़ोतरी होना बताया जा रहा है। इसके अलावा खून की जांच अधिक होने से सेंट्रल लैब में भी मरीजों की कतारें लग रही है।
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जिला अस्पताल में 23 से 29 अगस्त तक 7 दिन में डेंगू की 96 जांच की गई। इसमें 4 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इसी तरह स्क्रबटाइफस की 124 जांच में 17 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इस अवधि में मलेरिया की 307 जांच में एक मरीज पॉजिटिव मिला है। जबकि चिकिनगुनिया और स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है। वहीं, एक अप्रेल से 29 अगस्त तक डेंगू के 13, स्क्रबटाइफस के 20 और मलेरिया के 10 मरीज मिल चुके हैं।