
Alwar News: अलवर में एक युवक ने अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह अन्य सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी, चोरी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। युवक का आरोप है कि शादी के लिए उसने ससुराल पक्ष को 10 लाख रुपए दिए थे। इसके बाद पत्नी ने उस पर दिल्ली में रहने का दबाव बनाया। आरोप है कि पत्नी और उसके परिजनों ने उसे परेशान किया और घर से सोने-चांदी के जेवरात व 50 हजार रुपए नकद लेकर चले गए।
मामले में परिवादी अभिषेक कुमार ने एसीजेएम नंबर-5 अलवर की अदालत में इस्तगासा पेश किया था। अदालत के जरिए प्राप्त इस्तगासे पर उद्योग नगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, चोरी और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवादी अभिषेक कुमार के अनुसार, 2 अक्टूबर 2024 को उसका रिश्ता दिल्ली के न्यू अशोक नगर निवासी मनोज कुमार की बेटी शैली के साथ तय हुआ था। आरोप है कि शादी के लिए लड़की पक्ष को 10 लाख रुपए देना तय हुआ था। परिवाद के मुताबिक, 4 अक्टूबर 2024 को अभिषेक ने मनोज कुमार के घर पर परिवार और समाज के लोगों की मौजूदगी में 6 लाख रुपए नकद दिए। इसके अलावा मनोज कुमार के बैंक खाते में चार लाख रुपए जमा करवाए गए। इस तरह कुल 10 लाख रुपए दिए गए। इसके बाद 2 फरवरी 2025 को दोनों की शादी हुई।
अभिषेक का आरोप है कि शादी के शुरुआती 20-25 दिन तक शैली का व्यवहार सामान्य रहा। इसके बाद वह कहने लगी कि उसका अलवर में मन नहीं लगता और उसे दिल्ली में रहना है। उसने अभिषेक से मकान बेचकर दिल्ली चलने के लिए कहा। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि अभिषेक के इनकार करने पर शैली का व्यवहार बदल गया।
वह छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करने लगी और उसके माता-पिता का सम्मान नहीं करती थी। घर के कामकाज को लेकर भी विवाद होने लगा। आरोप है कि शैली ने मकान बेचकर दिल्ली नहीं आने पर अभिषेक का जीवन मुश्किल करने की धमकी दी। इसके करीब एक महीने बाद शैली बिना बताए अपने पिता के घर दिल्ली चली गई। अभिषेक के पूछने पर उसने अलवर लौटने से इनकार कर दिया।
परिवादी के अनुसार, उसके पिता ने शैली के पिता मनोज कुमार से फोन पर बात की तो उन्होंने परिवार सहित दिल्ली आने को कहा। इसके बाद अभिषेक अपने माता-पिता और मामा के साथ दिल्ली पहुंचा। आरोप है कि वहां मनोज कुमार और शैली ने अलवर लौटने से इनकार कर दिया और अभिषेक को दिल्ली आकर रहने के लिए कहा।
करीब चार महीने बाद फिर बातचीत हुई। 24 अगस्त 2025 को अभिषेक अपने परिवार और अन्य रिश्तेदारों के साथ दिल्ली गया। परिवाद के अनुसार, वहां शैली के पिता ने बेटी को अलवर भेजने के बदले 50 हजार रुपए मांगे। बातचीत के बाद 30 हजार रुपए देना तय हुआ। आरोप है कि यह रकम अभिषेक के पिता के बैंक खाते से ऑनलाइन मनोज कुमार को भेजी गई। इसके बाद शैली करीब पांच महीने बाद अलवर स्थित ससुराल लौटी।
अभिषेक का आरोप है कि ससुराल लौटने के बाद शैली का व्यवहार पहले से ज्यादा खराब हो गया। वह बार-बार दिल्ली चले जाने की धमकी देने लगी। एक रात सोते समय उसने अभिषेक का गला दबाने का प्रयास किया। जागने पर उसने इसे मजाक बताया। इसके बाद शैली सुबह बिना बताए फिर अपने पिता के घर चली गई। परिवाद में आरोप है कि उसने फोन पर अभिषेक को धमकी देते हुए कहा कि वह उसे नीले ड्रम में काटकर डाल देगी। साथ ही अपने चाचा के प्रभावशाली लोगों से संबंध होने की बात कहकर ससुराल पक्ष को दिल्ली के चक्कर लगवाने और परेशान करने की धमकी भी दी।
परिवादी के अनुसार, बार-बार समझाने के बाद शैली जुलाई 2026 में अलवर स्थित घर आई और करीब 20 दिन रुकी। इसके बाद 7 अगस्त 2026 को वह अपने भाई करण के साथ गाड़ी में घर का सामान लेकर चली गई। अभिषेक ने आरोप लगाया कि शैली अपने साथ सोने का मंगलसूत्र, सोने के ईयररिंग, दो सोने की अंगूठियां, 50 ग्राम चांदी की चेन, चांदी की अंगूठी, दो जोड़ी पायजेब, चार जोड़ी बिछिया, चांदी के हथफूल, चांदी का मंगलसूत्र और 50 हजार रुपए नकद लेकर गई। आरोप है कि फोन पर संपर्क करने पर शैली तबीयत ठीक नहीं होने का हवाला देती रही और सामान व रुपए लौटाने की बात कहती रही, लेकिन वापस नहीं आई।
अभिषेक ने परिवाद में पत्नी शैली के अलावा उसके पिता मनोज कुमार, मां सुनीता, भाई करण और अंशु, चाचा अमित, चाचा के बेटे आशीष और तरुण पर मिलीभगत कर उसे और उसके परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया है। परिवादी का कहना है कि इन सभी ने साजिश के तहत उसके घर से सामान और नकदी ले जाने की घटना को अंजाम दिया। साथ ही उसे और उसके परिवार को दिल्ली में मुकदमों में फंसाने की धमकियां भी दी गईं।
परिवादी के मुताबिक, उसने इस संबंध में उद्योग नगर थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक अलवर को डाक के जरिए शिकायत भेजी। वहां से भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत में धारा 175(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत इस्तगासा पेश किया। अदालत से इस्तगासा थाना उद्योग नगर पहुंचने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 303 (2) और 351 (3) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक आजाद खान को सौंपी गई है।