दहेज़ की मांग को लेकर महिला की लाठी डण्डों से मारपीट व रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस सम्बन्ध में पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।
अलवर. नवरात्र पर्व में एक तरफ सभी देवी की पूजा कर रहे हैं। लेकिन कुछ समाज कंटक भी हैं, जिन्होंने कथित रूप से दहेज़ की मांग को लेकर महिला की मारपीट कर हत्या कर दी। अलवर जिले के राजगढ़ के टहला थाना क्षेत्र के नीमला गांव के गुर्जरबास में विवाहिता को दहेज के लिए प्रताडि़त करने तथा लाठी-डंडों से मारपीट व रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या करने का आरोप लगाने का मामला सामने आया है।
पुलिस ने बताया कि दौसा जिले की सिकराय तहसील के दुब्बी गांव निवासी उमेश सिंह गुर्जर पुत्र प्रहलाद सिंह गुर्जर ने टहला थाने में मामला दर्ज कराया कि उसकी बहन मंजू बाई पुत्री प्रहलाद सिंह का विवाह करीब आठ वर्ष पहले राजगढ़ क्षेत्र के नीमला गांव के गुर्जरबास निवासी पदम सिंह गुर्जर पुत्र स्व. गोपाल गुर्जर के साथ हुआ था। आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही उसकी बहन मंजू बाई को उसका पति पदम सिंह गुर्जर, सास रामपति देवी, जेठ राजाराम गुर्जर व जेठानी गीता देवी मारपीट कर प्रताडि़त करते थे। दहेज के लिए पिछले आठ वर्षों से लगातार दबाव बनाकर मंजू को प्रताडि़त कर जान से मारने की धमकी देते आ रहे थे।
इस पर समाज के लोगों व गांव के पंच पटेलों ने समझाइश कर मामला शांत कराया, लेकिन ससुराल वालों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि 18 अक्टूबर की रात को उसकी बहन मंजूबाई की लाठी डण्डों से मारपीट व रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने पदमसिंह गुर्जर, राजाराम गुर्जर, रामपति देवी व गीता देवी के विरुद्ध भादस की धारा 302 व 498 ए में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।