विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य शेफाली वर्मा ने बहरोड़ के दहमी गांव स्थित मंशादेवी मंदिर में कुलदेवी की पूजा-अर्चना की। जीत के बाद उन्होंने पदक माता के चरणों में अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
अलवर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य शेफाली वर्मा गुरुवार को परिवार सहित बहरोड़ के दहमी गांव स्थित मंशादेवी मंदिर पहुंचीं। कुलदेवी की पूजा-अर्चना की और छप्पन भोग लगाया। विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा रहीं शेफाली ने जीत के बाद मिले पदक को माता के चरणों में रखकर आशीर्वाद लिया।
शेफाली के परिवार ने चांदी का छत्र, हार, पायजेब, सोने की नोज पिन, चुटकी, नए नोटों की माला, लाल साड़ी, श्रीफल और मुकुट भेंट किए। साथ ही मंदिर में भंडारे का आयोजन कर बच्चों को भोजन कराया। पुजारी परमानंद ने चुनरी ओढ़ाकर शेफाली का स्वागत किया। उन्होंने पैतृक गांव जालावास में भी कुलदेवता की पूजा की। कुलदेवता मुंडावर तहसील के जालावास स्थित बाबा मैडा मंदिर में परिवार के साथ मत्था टेका।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं सेमीफाइनल में जल्दी आउट हो गई थी। उस वक्त बहुत परेशान थी। वो दो दिन और रात कैसे बीते, यह सिर्फ मुझे ही पता है। मेरे मन में कई विचार आ रहे थे, लेकिन जब बताया गया कि मैं फाइनल खेलूंगी, तब मैंने ठान लिया कि इस बार कुछ अच्छा करना ही है। मैंने सोचा था कि कम से कम एक मैच तो अपने दम पर जिताना ही है। शेफाली ने जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को जीवन का यादगार पल बताया।