
अलवर।
राजस्थान में दो तरह के नज़ारे देखने को मिले। एक ओर जहां किसान आंदोलन के तहत बड़ी मात्रा में दूध सडकों पर यूं ही व्यर्थ बहा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ठीक इससे उलट महिलाएं दुग्ध दान कर प्रेरणा बन रहीं हैं।
दरअसल, प्रदेश के अलवर ज़िले के राजकीय महिला चिकित्सालय स्थित मदर मिल्क बैंक में माताओं के लिए पहली बार दुग्ध दान शिविर लगाया गया। इस शिविर में जिले भर से आई माताओं ने दुग्ध दान कर अपनी भागीदारी निभाई।
दुग्ध दान शिविर का शुभारंभ नगर विकास न्यास सचिव कान्हा राम और जिला परिषद सीईओ अशं दीप रलह ने द्वीप प्रज्जवलित कर किया। शिविर में लगभग डेढ़ सौ महिलाओं से दुग्धदान का लक्ष्य रखा गया। मदर मिल्क बैंक में आने वाले दूध का उपयोग अस्पताल में भर्ती बीमार, कुपोषित बच्चों के लिए होता है।
मदर मिल्क बैंक की ओर से दुग्ध दान करने वाली महिलाओं के लिए बस सुविधा भी लगाई गई। कान्हाराम ने मदर मिल्क बैंक की ओर से लगाए गए इस शिविर को अनूठी पहल बताते हुए कहा कि जिला मुख्यालय पर मदर्स मिल्क बैंक बनाया गया है वह नेशनल मदर मिल्क बैंक है।
उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसे बैंक विदेशों में चलता था लेकिन भारत देश में इसे बहुत ही अच्छी तरीके से मदर मिल्क बैंक चलाया जा रहा है और इसका लक्ष्य है कि कोई भी शिशु मदर मिल्क से अछूता ना रह जाए।
इस अवसर पर मदर मिल्क बैंक प्रभारी डॉ अमनदीप ने बताया कि आंचल मदर मिल्क बैंक में मातृ दुग्ध दान शिविर शाम तक चलेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक मदर मिल्क बैंक में 8 लाख 20 हज़ार मिलीलीटर दुग्ध एकत्रित किया जा चुका है। अभी तक 3500 से ज्यादा माताएं अपना दूध दान कर चुकी है जो भी शिशु बीमार हैं और यहां भर्ती है और जिन्हें माता का दूध नहीं मिल पाता उनको बाहर का दूध ना पिलाया जाकर मदर मिल्क बैंक से दूध उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ अन्य चिकित्सालय में भी भर्ती ऐसे शिशुओं जिन्हें माता का दूध नहीं मिल पाता उन्हें दूध उपलब्ध कराया जाता है।
इधर, जारी है दूध बहाकर विरोध
देशभर में चल रहे किसान आंदोलन का प्रभाव अलवर के बानसूर में भी नजर आया। किसान आंदोलन को लेकर कस्बे के निकट ग्राम पंचायत रतनपुरा बालावास में किसानों ने सरकार की नीतियों का विरोध किया। दूध विक्रेताओं ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और सुबह-सुबह दूध बहाकर विरोध जताया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे किसान आंदोलन को किसान महापंचायत की ओर से भी समर्थन मिला। किसान महापंचायत के ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार किसान विरोधी कार्य कर रही है किसानों को उपज का दाम नहीं मिल रहा है। किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहा है। गांव में भी किसानों ने किसान आंदोलन का समर्थन कर दूध बहाया।