जो भी प्रोडक्ट वो बनाती है वो सीधे ही फेसबुक, व्हाटसअप आदि पर शेयर करती हैं और घर बैठे कमाती है।
अलवर.
दीपावली की साफ -सफाई महिलाओं की कमर तोड़ देती है। लेकिन साफ-सफाई करना भी जरूरी है। एेसे में महिलाओं को समय मिल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन यदि घर के काम के साथ -साथ कुछ कमाई भी हो जाए तो सोने पर सुहागा। कुछ एेसा ही कर रही है शहर की महिलाएं। अधिकतर महिलाएं एेसी है जो हैंडमेड आइटम घर पर ही तैयार करती है और ऑनलाइन शॉपिंग का व्यवसाय कर रही है। इसके लिए ना तो कोई ग्राहक उनके घर आता है और ना ही उन्हें कहीं जाना पड़ता है। जो भी प्रोडक्ट वो बनाती है वो सीधे ही फेसबुक, व्हाटसअप आदि पर शेयर करती हैं और घर बैठे कमाती है।
दीपावली पर बढ़ी कस्टमर की मांग
हजारी का मौहल्ला निवासी अंतरा गोयल एमबीए कर चुकी है। वह बताती हैं कि पिछले ३ साल से वह ऑनलाइन अपना बिजनेस कर रही है। पहले तो लोगों को ऑनलाइन में विश्वास ही नहीं होता था। लेकिन जब क्वालिटी वाली चीज मिलने लगी तो ऑर्डर भी बढऩे लगे हैं। दीपावली के चलते इन दिनों बच्चों की डे्रस, वॉच, पर्स, हैंडबैग आदि बहुत सा सामान अपने ग्रुप पर शेयर करती हैं। जब ऑडर आता है तो उनके घर पहुंच जाता है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होता है।
ऑनलाइन बिजनेस से बढ़े ग्राहक
शांतिकुंज निवासी रतन गुप्ता बताती है कि उसे साज सज्जा का बहुत शौक है। अपने घर में जो वेस्ट मैटेरियल होता है उसके उपयोग की कोशिश करती हूं। शहर के बाहर लगने वाली एग्जीबीशन में अपना सामान बिक्री के लिए लेकर जाती हूं। आजकल ऑनलाइन का जमाना है इसलिए अपने तैयार सामान को व्हाटसअप ग्रुप पर शेयर जरुर करती हूं। इससे मेरे कस्टमर बहुत बढ़ गए हैं।
पति की मदद से बढ़ा व्यापार
मनुमार्ग निवासी रूबी बताती है कि मैंने अपने पति की मदद से रेडीमेड सूटस का बिजनेस शुरु किया। मेरा बच्चा छोटा था। बाहर आने जाने में परेशानी रहती थी। लेकिन हमारी मेहनत से थोडे़ से समय में ही हमारी पहचान बन गई। इसके बाद मैंने अपने माल को ऑनलाइन शुरु किया। व्हाटसअप ग्रुप बनाया, फेसबुक ओर अन्य सभी नेटवर्र्किंग साइटस पर मॉल डाला तो महिलाओं के ऑडर अपने आप ही आना शुरु हो गए। जो चीज पसंद आती है वो मैं उनके लिए रख लेती हूं । दीपावली पर घर से बाहर जाने के बजाय घर बैठे ही काम कर रही हूं। इससे बिजनेस बहुत बढ़ गया है।