अंबेडकरनगर में पुलिस ने भाजपा नेता को जमकर पीटा, वहीं टांडा में प्रत्याशी को उठा को ही उठा ले गई पुलिस
अम्बेडकर नगर. नगर निकाय चुनाव में दूसरे चरण के मतदान से पूर्व संध्या पर पुलिस का निरंकुश चेहरा सामने आया है। टाण्डा नगर पालिका क्षेत्र में एक वार्ड के प्रभारी भाजपा के नगर मंत्री राजेश सिंह को स्थानीय पुलिस ने लाठियों से जमकर पीटने के साथ ही जीप में लाद लिया था। हालांकि बाद में स्थानीय विधायक की फटकार के बाद पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा था। अब जिले में निकाय चुनाव सम्पन्न हो जाने के बाद घटना को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर काफी गुस्सा है और वो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा टाण्डा के एक अन्य वार्ड में मतदान के दौरान ही भाजपा के एक प्रत्याशी को टाण्डा कोतवाली की पुलिस उठा ले गई। इस मामले में भी भाजपा के बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद प्रत्याशी को छोड़ा गया।
इस तरह शहर में मचाया था तांडव
नगर निकाय के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी मुश्तैदी से कार्य कर रही थी। मतदान के शुरू होने की पूर्व संध्या पर बताया जाता है कि कोतवाली टाण्डा के प्रभारी निरीक्षक बृजेश मिश्र को फोन से यह जानकारी मिली रात में वोटों की खरीद-फरोख्त का कार्य कुछ प्रत्याशी करने के लिए जुटे हुए हैं। इसी जानकारी के बाद बृजेश मिश्र रात्रि 10 बजे पुलिस और पैरा मिलेट्री फोर्स के साथ नगर भ्रमण पर निकले और सबसे पहले चौक एरिया में स्थित कई दुकानदारों को इनका कोप भाजन होना पड़ा। दुकानदारों के अनुसार इनकी दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं, जिसे देखकर पुलिस के लोग हमला कर दिए और काफी नुकसान पहुंचाया।
नगर के छज्जापुर, ताज टाकीज समेत कई और जगहों पर पुलिस द्वारा लोगों की पिटाई सामने आई है। मीरानपुरा वार्ड में भाजपा की प्रत्याशी सुमन गुप्ता के घर के बगल गुलाम रसूल की बेटी की शादी का रतजगा कार्यक्रम चल रहा था। वहां भी पुलिस पहुंचकर जमकर उत्पात किया। उसी समय सुमन गुप्ता और उनके प्रभारी राजेश सिंह पहुंच कर जब पुलिस की हरकत का विरोध किया तो पुलिस भाजपा नेता राजेश सिंह को ही पीट कर पुलिस ने जीप में डाल दिया।
दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही की मांग
पुलिस की इस दमनकारी नीति का विरोध सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी ने शुरू किया है। भाजपा के वरिष्ठ प्रांतीय नेता रामसूरत मौर्य ने पुलिस के इस उत्पीड़न की कार्यवाही का विरोध करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही की मांग की है। सांसद डॉ. हरिओम पांडेय के प्रतिनिधि का कार्य देख रहे राम सूरत मौर्य ने कहा कि पुलिस ने जानबूझ कर अराजकता फैलाया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना प्रदेश स्तर तक नेताओं को दी जा रही है।