अम्बेडकर नगर

आज इन चारों को उतारेंगे मौत के घाट, कर दिया जाएगा दफ्न, तैयारियां पूरी

मौत खुद से हो तो लोग इसे आसानी से भूल जाते हैं, लेकिन जब किसी फरमान के तहत दी जाय तो...
2 min read
• •
Updated: 3 Jun 2018, 8:44 AM IST
Four horse killed due to Infectious Disease Glanders Farcy
आज इन चारों को उतारा जाएगा मौत के घाट, कर दिया जाएगा दफ्न, तैयारियां पूरी

अंबेडकरनगर. समय और परिस्थिति के आगे किसी का वश नहीं चलता और कभी कभी हालात इतने खराब हो जाते हैं कि जिन्दगी के बजाए मौत ही ज्यादा बेहतर लगने लगती है। मौत स्वाभाविक हो तो लोग इसे आसानी से भूल सकते हैं, लेकिन यही मौत जब किसी फरमान के तहत दी जाय तो निश्चित तौर पर कष्टदाई होती है। चाहे यह मौत किसी इंसान की हो या फिर किसी पालतू जानवर की। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही फरमान की, जिसमें चार घोड़ों के लिए मौत का आदेश सुनाया गया है। यह आदेश किसी अपराध के कारण नहीं बल्कि लाइलाज एक ऐसी बीमारी के कारण सुनाई गई है, जिस बीमारी से छुटकारा पाने का मौत ही एकमात्र रास्ता है, वर्ना इस बीमारी का संक्रमण एनी जानवरों और इंसानों में भी फैल सकता है।


इस बीमारी की वजह से लिया गया निर्णय

जिले में पशुओं को सजा-ए-मौत का जो फरमान सुनाया गया है, उसमें चार घोड़ों को आज मौत के घाट उतार दिया जाएगा, जिसको लेकर पशुपालन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। अब तक तो सुना और देखा गया है कि मौत की सजा किसी व्यक्ति को उसके गंभीर अपराध के कारण दी जाती रही है, लेकिन यहां पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जिसमें पहली बार चार घोड़ों को मौत की सजा दी जानी है और इसकी तैयारी जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग ने पूरी कर ली है। सब कुछ ठीक रहा तो आज घोड़ों को मारकर जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफ्न कर दिया जाएगा। आपको बता दे घोड़ों, गधों और खच्चरों में संक्रामक रोग ग्लैंडर्स फार्सी नामक बीमारी तेजी से पांव पसार रहा है। जो पूरी तरह से लाइलाज है और यह बीमारी पशुओं से मनुष्यों में असानी से फैल जाती है। हालात यह है कि ऐसी परिस्थितियों में ऐसे पशुओं को मौत के घाट उतारने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नही है।


अब तक इन गरीबों की रोजी का करते थे इंतजाम

ये वह चार घोड़े है, जो अब तक तो गरीबों के परिवार के आय का श्रोत रहे हैं। इनको पालने वाला परिवार घोड़ों के माध्यम से रोज अपनी रोजी का इतजाम करने के लिए भट्ठों पर ईंट धुलाई का काम, मिटटी और ऐसे सामानों की धुलाई का करते रहे हैं। लेकिन इस बीमारी की चपेट में आने से ये दूसरों की रोटी का इंतजाम करने के बजे अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं। इन घोड़ों की हालत काफी दिनों से खराब चल रही थी, जिसमें जांच के दौरान ग्लैंडर्स फारसी नामक लाइलाज बीमारी के लक्षण पाए गए हैं और इन सभी चारों घोड़ों को चिन्हित करके प्रशासन अब मौत की सजा की तारीख भी मुकर्रर कर दी है। उप पशुचिकित्साधिकारी के मुताबिक यह बीमारी बहुत ही खतरनाक होती है, जिसका संक्रमण पशु हो या फिर आदमी हर किसी के अंदर तेजी से फैलता है और इसका कोई भी इलाज नहीं है। इसलिए इन बेजुबान घोड़ों को मारने का फैसला लिया गया है।

Published on: