
अम्बेडकरनगर. बड़ा आदमी बनने की चाहत और पैसों की चकाचौंध में अक्सर लोग गलत काम कर जाते हैं, लेकिन बात जब 14-15 साल के नाबालिग बच्चों की हो और उनके द्वारा जल्दी से ढेर सारा पैसा कमाकर बड़ा आदमी बनने की चाहत जाग गई हो तो बात हैरान करने वाली ही है।
जी हां दो दिन पहले जिले के एक बड़े सर्राफा व्यवसायी से फोन पर एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगने वालों में जिन दो नाबालिगों को पुलिस ने पकड़ा है, उनकी करतूत जानकर आपके होश जरूर उड़ जाएंगे।
पुलिस ने सर्राफा व्यवसायी से एक करोड़ की रंगदारी मांगने का खुलासा करते हुए दो नाबालिग बच्चों को गिरफ्तार कर लिया है, पकड़े गये बच्चे जल्द ज्यादा पैसा कमाकर अमीर बनना चाहते थे। इन्होंने एक स्थानीय माफिया के नाम पर रंगदारी की मांग की थी।
इस तरह हुआ घटना का खुलासा
अम्बेडकरनगर जिला मुख्यालय के प्रमुख सर्राफा व्यवसायी राजकुमार सेठ से दो दिन पूर्व फोन पर एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी, इसके खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा सर्विलांस और स्वाट टीम को लगाया गया। टीम ने सर्विलांस के जरिये 24 घण्टे के अंदर ही इसका खुलासा कर दिया, जिसमें अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के ही एक गांव के दो नाबालिग लड़कों को पकड़ा गया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि जल्द अमीर बनने के लिए और बहन की शादी करने के लिए सर्राफा व्यवसायी से रंगदारी मांगी। पकड़े गये दोनों नाबालिगों में एक की उम्र 15 वर्ष है जबकि दूसरे की उम्र 14 वर्ष है और इस समय हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा दे रहा है। जिस दिन रंगदारी मांगी थी उस दिन वह परीक्षा देकर आया था जबकि दूसरे ने कक्षा 6 के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।
इस तरह रची थी साजिश
पकड़े गए दोनों दोनों नाबालिग बच्चों में से एक के माता पिता सर्राफा व्यवसायी राजकुमार सेठ के कुछ दिनों पूर्व खरीदारी की थी और व्यवसायी ने उन्हें एक चाभी का छल्ला दिया था जिस पर उनका नम्बर भी लिखा था। इसी कारण दोनों ने रंगदारी मांगने के लिए राजकुमार सेठ को ही चिन्हित किया और एक स्थानीय माफिया के नाम पर फोन पर उनसे रंगदारी मांगी क्योकि उनको ये पता था कि साधारण नाम से रंगदारी मांगने पर उन्हें रंगदारी नहीं मिलेगा। फिलहाल इस गंभीर प्रकरण का इतनी जल्दी खुलासा कर दिए जाने के बाद व्यापार संगठन काफी खुश है। वहीं सर्राफा व्यवसायियों ने रंगदारी मामले का खुलासा करने पर एसपी अॉफिस पहुंच कर पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक को बुके देकर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र की तरफ से भी इस मामले का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत किया गया है।