
अंबिकापुर। शेयर मार्केट के जरिए 20 से 200 फीसदी तक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर अंबिकापुर के कपड़ा व्यवसायी से 10 लाख 28 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी (Big Fraud) का मामला सामने आया है। आरोपियों (लड़कियों) ने पहले युवक को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट पर उसकी आईडी बनाकर निवेश कराया। शुरुआत में वेबसाइट पर मुनाफा दिखाने लगा और 1000 रुपए वापस खाते में भेजकर युवक का भरोसा जीता गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। युवक की रिपोर्ट पर साइबर पुलिस ने धारा 66सी, 66डी आईटी एक्ट और 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता का मामला दर्ज किया है।
अंबिकापुर के जयस्तंभ चौक निवासी ईशान उचानिया ने साइबर थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया है कि उसकी जयस्तंभ चौक में कपड़े की दुकान है। ईशान के इंस्टाग्राम आईडी पर 12 जून को शेयर मार्केट टिप्स (Share market tips) का ऐड आया। क्लिक करते ही उनका नंबर खुद व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गया। इस ग्रुप की एडमिन सिद्धि श्रेयस मुनोत थी और एक विदेशी नंबर भी जुड़ा था। दो-तीन दिन तक रोज शेयर के टिप्स भेजे गए। फिर इसी ग्रुप में दूसरे ग्रुप के मेंबर का लिंक आया।
ईशान ने ज्वाइन किया तो वहां पहले से 155 मेंबर थे। एडमिन रिया अय्यर और खुद को प्रोफेसर बताने वाला एंड्रयू वेल्स रोज लाइव मार्केट की जानकारी देते थे, जो गूगल पर सही निकलती थी। भरोसे के लिए ईशान ने मेंबर रीटा सेठ से व्यक्तिगत चैट की। रीटा ने कहा मैं काफी समय से जुड़ी हूं। मैंने 12 लाख लगाए थे, अब 19 लाख हो गए हैं, 4 लाख निकाल भी लिए हैं। यही बात ईशान को सच लगी।
इसके बाद ग्रुप की एडमिन रिया अय्यर ने ईशान से आधार-पैन लेकर सीएपीपी डाट फिनिटेगन डॉट बज नाम की वेबसाइट पर उनकी आईडी बना दी और कहा-पैसा तभी डालना, जब मैं खाता नंबर दूं। 17 जून को रिया के बताए उषालता बहुउद्देशीय संस्था राजेगांव के सेंट्रल बैंक खाते में ईशान ने 10 हजार डाले। वेबसाइट पर तुरंत 10 हजार फंड में दिखने लगा। रिया ने एक शेयर खरीदने को कहा, अगले दिन 10 प्रतिशत मुनाफा दिखा। 18 जून को 30 हजार और डाले, 5 प्रतिशत मुनाफा दिखा। ईशान ने परखने के लिए 1000 रुपये निकाले तो उसके खाते में यूपीआई से पैसा आ गया।
कुछ दिन बाद रिया ने कहा कि पुरानी साइट में तकनीकी खराबी है, अब नई साइट पर काम होगा। सारा डेटा शिफ्ट हो गया है। फिर दूसरा ऑफर दिया। उसने बताया कि कंपनी अब दूसरे चरण में जा रही है, इसमें 20 से 40 प्रतिशत मुनाफा है, कम से कम 1 लाख लगाना होगा। अगर 2 महीने में 50 लाख (Fraud case) तक ले गए तो प्रीमियम कस्टमर बन जाओगे। इसके बाद उसके झांसे में आकर ईशान ने 22 से 24 जून के बीच श्री दत्ता चैरिटेबल ट्रस्ट के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में 6 बार में 2 लाख 40 हजार रुपए भेज दिए।
तीसरा चरण आईपीओ का आया। रिया ने कहा जितना ज्यादा फंड होगा, उतने ज्यादा आईपीओ मिलेंगे। इसमें 200 प्रतिशत तक मुनाफा मिलेगा। ईशान ने क्ले क्राफ्ट इंडिया लिमिटेड के आईपीओ (Fraud in the name of IPO) पर पैसा लगाया, वेबसाइट ने 1 लाख 53 हजार का आईपीओ और अगले दिन 90 हजार का मुनाफा दिखा दिया।
इसी लालच में 25 जून तक ईशान ने महाशोर जर्नी प्राइवेट लिमिटेड के इंडसइंड बैंक खाते समेत अलग-अलग खातों में कुल 19 बार में 10 लाख 28 हजार रुपए अपने एचडीएफसी और इंडियन बैंक खातों से ट्रांसफर कर दिए। जब पैसा निकालने की बारी आई तो वेबसाइट ने निकासी रोक दी और एडमिन ने जवाब देना बंद कर दिया। तब जाकर ईशान को समझ आया कि उसके साथ सुनियोजित साइबर ठगी हुई है।
ईशान की रिपोर्ट पर साइबर थाना पुलिस (Cyber police) ने सभी मोबाइल नंबर, फर्जी वेबसाइट और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है, व्हाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम ऐड और अनजान वेबसाइट पर शेयर मार्केट में पैसा डबल करने के किसी भी झांसे में न आएं।