पुलिस स्मृति दिवस पर 10वीं वाहिनी सिलफिली में अपने प्राणों की आहूति देने वाले 414 शहीद जवानों को किया गया याद, दी गई श्रद्धांजलि
अंबिकापुर. पुलिस स्मृति दिवस पर सिलफिली स्थित दसवीं बटालियन में देश की एकता व अखंडता की रक्षा करने के दौरान अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीद जवानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गौरतलब है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना से लड़ते हुए सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हुए थे।
दसवीं वाहिनी बटालियन में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईजी हिमांशु गुप्ता थे। कार्यक्रम के आरंभ में आईजी ने परेड की सलामी ली, तत्पश्चात कर्तव्य की वेदी पर शहीद देशभर के 414 पुलिसकर्मियों के नाम का वाचन कर स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया।
आईजी ने अपने उद्बोधन में बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख क्षेत्र में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दस जवान चीनी फौजियों के साथ संघर्ष में वीर गति को प्राप्त हुए थे।
इन शहीदों का अंतिम संस्कार लद्दाख में ही किया गया था। जनवरी 1960 में दिल्ली में आयोजित पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि इन वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन किया जाएगा।
आईजी ने कहा कि वीर जवानों ने देश की एकता व अखंडता की रक्षा करते अपने प्राणों की आहूति देकर देश प्रेम, त्याग और बलिदान की सर्वोच्च परंपरा स्थापित की है, अमर जवान सदैव हमारे प्रेरणा स्रोत रहेंगे। कार्यक्रम में समस्त अतिथियों, अधिकारी, कर्मचारियों व शहीद के परिजन ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया।
कार्यक्रम में कलक्टर केसी देवसेनापति, छग सशस्त्र बल के डीआईजी आरपी साय, सरगुजा एसपी सदानंद कुमार, एसपी सूरजपुर जीएस जायसवाल, सेनानी दसवीं बटालियन डीआर आंचला, उप सेनानी डीके सिंह, सहायक सेनानी मुनेश्वर पैंकरा, एएसपी मेघा टेंभुरकर, सीएसपी डीके सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
परिजन की समस्याओं से हुए अवगत
कार्यक्रम के अंत में आईजी ने कार्यक्रम में उपस्थित शहीद परिवार के परिजन से बारी-बारी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं पूछी। साथ ही किसी प्रकार की दिक्कत होने पर सीधे संपर्क करने को कहा। इस दौरान उन्होंने शहीद परिवारों से अनुकंपा नियुक्ति, स्वत्वों के भुगतान, पेंशन, आवास व अन्य समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।