
अंबिकापुर. सरगुजा जिले के उप डाकघर सीतापुर में महिला के बचत खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर 14 लाख रुपए (Big fraud) आहरित करने के मामले में पुलिस ने अंबिकापुर के तत्कालीन सहायक पोस्टमास्टर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि खाते से तीन अलग-अलग तारीखों में कुल 14 लाख रुपए निकाले गए। मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(5), 336(3), 338 और 340(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। महिला को उसके खाते से 14 लाख रुपए निकाले जाने का पता तब चला, जब उसने अपना पासबुक अपडेट कराया।
सीतापुर निवासी ममता सिंह ने वरिष्ठ कार्यालय में उसके खाते से 14 लाख रुपए गबन की शिकायत की थी। सीतापुर पुलिस द्वारा मामले की जांच के दौरान पीडि़ता का बयान दर्ज करने के साथ उप डाकघर सीतापुर (Post office Sitapur) से उसके बचत खाते की जानकारी ली गई। जांच में सामने आया कि खाते से 17 मार्च 2025 को 5 लाख रुपए, 15 अप्रैल 2025 को 4 लाख रुपए और 30 अप्रैल 2025 को 5 लाख रुपए निकाले गए।
इस तरह 3 बार में कुल 14 लाख रुपए आहरित किए गए। जांच में पुलिस ने पाया कि 5 हजार रुपए से अधिक की राशि के आहरण के लिए सुपरवाइजर अथवा उप डाकपाल द्वारा सत्यापन के बाद भुगतान किया जाता है। शिकायत के अनुसार तत्कालीन सहायक पोस्टमास्टर सूरज दास महन्त ने कथित तौर पर स्वयं आहरण पर्चियों में खाताधारक के फर्जी हस्ताक्षर किए और राशि निकाल ली।
पुलिस जांच में संबंधित तारीखों पर आरोपी के उप डाकघर की उपस्थिति पंजी में उपस्थित रहने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका से जोड़ते हुए उसके खिलाफ अपराध दर्ज (FIR against Assistant post master) किया है।
ममता सिंह के अनुसार वह पति के साथ मिठाई की दुकान संचालित करती हैं और आयकर रिटर्न भी दाखिल करती हैं। उसने सीतापुर उप डाकघर में बचत खाता संचालित कर रखा है। पूर्व में डाकघर में कराई गई आरडी के मेच्योर होने के बाद प्राप्त राशि उसके खाते में जमा हुई थी।
6 अगस्त 2026 को रिटर्न दाखिल करने के लिए पासबुक अपडेट (Pass book Update) कराने पर उन्हें खाते से 14 लाख रुपए निकाले जाने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने 7 अगस्त को उप डाकघर सीतापुर में लिखित शिकायत दी तथा प्रधान डाकघर अंबिकापुर को भी शिकायत भेजी। शिकायत में राशि वापस दिलाने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।