गांव से लगे जंगल में लकड़ी लेने गया था ग्रामीण, गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया भर्ती
अंबिकापुर. बलरामपुर जिले का एक ग्रामीण शुक्रवार को लकड़ी लेने गांव से लगे जंगल में गया था। इसी दौरान अचाने उस पर 2 भालू ने हमला कर दिया। वह भालुओं से खुद को बचाने चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर पास में ही मवेशी चरा रहा चरवाहा फरिश्ता बनकर पहुंचा और भालुओं को मार भगाया।
भालुओं के हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसकी सूचना चरवाहे ने उसके परिजन को दी। फिलहाल घायल ग्रामीण का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में चल रहा है।
गौरतलब है कि सरगुजा संभाग में हाथी एवं भालुओं का आतंक है। कभी हाथी लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं तो कभी भालू। इन सबके बीच ग्रामीण क्षेत्र के लोग दिन-रात दहशत में जी रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला बलरामपुर जिले के बंशीपुर थाना क्षेत्र से आया है। ग्राम पंडरी निवासी 40 वर्षीय सत्यनारायण गोंड़ पिता निरंजन गोंड़ शुक्रवार को लकड़ी लेने गांव से लगे जंगल में गया था।
इस दौरान अचानक वहां 2 भालू पहुंच गए और उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से ग्रामीण संभल नहीं पाया और भालुओं ने उसे लहूलुहान कर दिया। भालुओं के हमले से बचने सत्यनारायण जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
चरवाहे ने बचाई जान
ग्रामीण के चिल्लाने की आवाज सुनकर जंगल के पास ही कुछ दूरी पर मवेशी चरा रहा एक युवक वहां पहुंचा। उसने किसी तरह डंडे से मार कर भालुओं को भगाया। इसके बाद युवक ने घायल सत्यनारायण को एक पत्थर लिटा दिया और घटना की जानकारी उसके परिजन को देने गांव में चला गया।
रेफर किया गया मेडिकल कॉलेज अस्पताल
चरवाहे की सूचना पर परिजन वहां पहुंचे और उसे किसी तरह जंगल से नीचे उताकर इलाज के लिए वाड्रफनगर अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उसका इलाज चल रहा है।