भाई के साथ कोतवाली में दर्ज कराने पहुंची रिपोर्ट तो पुलिस ने धमकाया, अंत में छेडख़ानी का मामला दर्ज कर कर दिया दोनों को चलता
अंबिकापुर. 20 सितंबर को रघुनाथपुर से मजदूरी करने अंबिकापुर आई 20 वर्षीय एक महिला को पुराना बस स्टैंड से एक युवक ने अपने दोस्त की मदद से अपहरण कर लिया। उसने महिला को बेहोशी की दवा खिला दी थी। इसके बाद वह उसे बाइक पर बैठाकर अपने घर ले गया। यहां 6 दिनों तक कमरे में बंद कर रखा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
महिला शौच करने के बहाने वहां से भाग निकली। पीडि़ता व उसका बड़ा भाई 3 अक्टूबर को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने उल्टा उन्हें ही फटकार लगाना शुरु कर दिया। रिपोर्ट दर्ज करने की बजाए पीडि़ता के भाई को डराने-धमकाने लगे। अंत में उन्होंने छेडख़ानी का मामला दर्ज कर उन्हें चलता कर दिया। उपरोक्त बातें पीडि़ता व उसके भाई ने बताईं।
धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा निवासी 20 वर्षीय एक महिला व उसके भाई ने बताया कि वह अपने मायके रघुनाथपुर के ग्राम खुटरापारा में रहती है। वह प्रतिदिन मजदूरी करने अंबिकापुर बस से आती थी। वह 20 सितंबर की सुबह मजदूरी करने अंबिकापुर आई थी। वह शहर के पुराना बस स्टैंड में खड़ी थी।
इसी दौरान पड़ोस में रिश्तेदार के घर रहने वाला युवक मनोज पुरी वहां पहुंचा और महिला को कुछ खिला कर बेहोश कर दिया। इस दौरान मनोज ने अपने दोस्त की मदद से बाइक में बैठाकर उसे प्रतापपुर विकासखंड स्थित ग्राम केरता पंछीडांड़ स्थित अपने घर ले गया।
महिला को जब होश आया तो वह केरता में थी। मनोज ने महिला को अपने घर में छह दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसने महिला के साथ दुष्कर्म भी किया।
भाई के साथ पहुंची थाने तो पुलिस ने धमकाया
महिला शौच के बहाने आरोपी मनोज की मां के साथ घर से बाहर निकली थी। इस दौरान महिला भाग कर अपने घर रघुनाथपुर पहुंची। वहां घटना की जानकारी परिजन को दी। पीडि़ता व उसका बड़ा भाई बुधवार को शिकायत दर्ज कराने कोतवाली पहुंचा। इस दौरान पुलिस ने महिला का बयान दर्ज करने की बजाय उल्टा उसके भाई को डराने धमकाने लगी।
पुलिस पीडि़ता को लगभग एक घंटे तक बरगलाते रही। पुलिस का कहना था कि जिस थाना क्षेत्र में घटना हुई है वहां जाकर रिपोर्ट दर्ज कराओ। वहीं पुलिस अंत में इस मामले में 354 का अपराध दर्ज किया है।