दस्तावेज के नाम पर मरीज के परिजन को घंटों घुमाने और बाद में समय-सीमा समाप्त होने की बात कहकर कर रहे सुविधा से वंचित
अंबिकापुर. शहर के निजी अस्पतालों में मरीजों को स्मार्ट कार्ड की सुविधा से वंचित कर दिया जा रहा है। मरीजों के साथ आए परिजन को पहले दस्तावेज फिर स्मार्ट कार्ड की प्रक्रिया प्रारंभ करने का हवाला देकर घंटों घुमाया जाता है। फिर बाद में समय-सीमा का हवाला देकर सुविधा से वंचित कर दिया जाता है। कुल मिलाकर मरीजों के साथ खुला खिलवाड़ किया जाता है।
गौरतलब है कि शासन की महत्वाकांक्षी स्मार्ट कार्ड योजना का सही लाभ हितग्राहियों को शहर के निजी अस्पतालों में नहीं मिल रहा है। मरीजों के परिजन को प्रक्रिया के फेर में फंसाकर इतना घुमा दिया जाता है कि वह तंग आ जाता है। ऐसी प्रक्रिया में फंसाकर मरीज को स्मार्ट कार्ड की सुविधा से वंचित कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी सख्ती नहीं बरतने से निजी अस्पताल इस मामले में खुली मनमानी कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के मिशन अस्पताल में सामने आया है। वाड्रफनगर निवासी अफरोज ने अपनी भाभी गुलशन आरा को बीते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया।
बुधवार को जब वे स्मार्ट कार्ड की सुविधा हेतु अस्पताल के कार्यालय में गए तो उन्हें राशन कार्ड लाने को कहा गया। जब उन्होंने राशन कार्ड उपलब्ध कराया तो कार्यालय में बैठे स्टाफ ने कहा कि वार्ड से फाइल मंगाकर आगे की प्रक्रिया करते हैं।
सिर्फ फाइल आने की बात कहते हुए स्टाफ ने परिजन को लगभग 4 घंटे घुमाया और जब फाइल आई तो 24 घंटे बीत जाने का हवाला देकर स्मार्ट कार्ड एक्सेस नहीं होने की जानकारी दी। इससे परिजन मायूस हो गए। परिजन ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे की समय-सीमा को लेकर किसी प्रकार की भी सूचना चस्पा नहीं की गई है।
मिलीभगत का चल रहा खेल
दरअसल निजी अस्पतालों में आए दिन इस तरह के मामले सामने आते हैं, जिसकी वजह से मरीज स्मार्ट कार्ड का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्मार्ट कार्ड को लेकर जिले में मिलीभगत का खेल चल रहा है। मरीजों को स्मार्ट कार्ड की सुविधा से वंचित कर निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
24 घंटे के भीतर प्रस्तुत करना होता है दस्तावेज
इस संबंध में जिला कंसल्टेंट अधिकारी रवि अनुज ने बताया कि स्मार्ट कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए 24 घंटे के अंदर दस्तावेज प्रस्तुत करना है। यह संस्था के नियम में शामिल है। 24 घंटे के बाद अगर दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं तो सिस्टम में स्मार्ट कार्ड एक्सेस नहीं लेता है।