अंबिकापुर

मध्याह्न भोजन की दाल खाते ही 90 छात्र-छात्राओं को आने लगे चक्कर, मचा हड़कंप

मिडिल स्कूल रायकेरा का मामला, दाल से आ रही थी अजीब सी बदबू, 9 अस्पताल में भर्ती, अस्पताल लेकर पहुंचने का जारी था सिलसिला

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Suffers school girls

सीतापुर. सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड स्थित मिडिल स्कूल रायकेरा में शनिवार को पढऩे आए 90 बच्चों की मध्यान्ह भोजन खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। इसमें 9 बच्चों की हालत ज्यादा बिगडऩे पर उन्हें एंबुलेंस से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां चिकित्सकों द्वारा तत्काल उपचार किए जाने के बाद 4 बच्चों की सेहत में तुरंत सुधार आ गया, लेकिन 5 बच्चों की स्थिति देखते हुए उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सभी को आब्जर्वेशन के लिए अभी अस्पताल में ही रखकर उपचार किया जा रहा है। हालांकि उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। बताया जा रहा है कि मध्यान्ह भोजन में मिले दाल से अजीब सी बदबू आ रही थी और उसी के सेवन से बच्चों की तबीयत बिगड़ी।

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जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रायकेरा माध्यमिक शाला में मध्यान्ह भोजन का संचालन सार्इं बाबा स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाता है। हमेशा की तरह शनिवार को भी स्वयं सहायता समूह द्वारा शाला में मध्यान्ह भोजन बनवाया गया था जिसे भोजन अवकाश के दौरान बच्चों ने खाया।

खाने के दौरान बच्चों को दाल से अजीब सी बदबू आने पर उन्होंने इसकी शिकायत प्रधानपाठक से की। इस पर प्रधानपाठक ने भी दाल चखी तो उन्हें भी स्वाद अटपटा सा लगा।

कुछ ही देर बाद आने लगा चक्कर
भोजनकाल के बाद बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो उन्हें चक्कर आने लगा और उनका जी मिचलाने लगा। कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही बच्चो की तबीयत बिगडऩे लगी और एक-एक कर सभी बच्चे बीमार होते चले गये। देखते-देखते बच्चों की हालत खराब होने लगी।

9 बच्चों की हालत बिगडऩे पर तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। यहां उन्हें भर्ती कर चिकित्सकों ने उपचार शुरू कर दिया। फिलहाल बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। कुछ और बच्चे जो घर में तबीयत ठीक नहीं होने की बात कह रहे हैं, उन्हें अभिभावकों द्वारा अस्पताल लेकर पहुंचने का सिलसिला शाम तक जारी था।


अस्पताल पहुंचे अधिकारी
इस मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम अजय त्रिपाठी व अन्य विभागीय अधिकारी तत्काल अस्पताल पहुंच गए। एसडीएम ने बच्चों की सेहत की जानकारी लेकर चिकित्सकों को बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए।


पहले समिति चखती है भोजन
स्कूलों में बच्चों के खाने से पहले मध्यान्ह भोजन को स्वाद समिति चखती है, ताकि भोजन की गुणवत्ता के बारे में पता चल सके। लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, इसकी वजह से बच्चे घटिया भोजन दिए जाने की वजह से फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए।


सभी बच्चों की तबीयत खराब
कुल 95 बच्चे विद्यालय आये थे। इनमें से 90 बच्चों ने मध्यान्ह भोजन खाया और खाने वाले लगभग सभी बच्चों की तबीयत खराब हो गई।
देवफल राम, प्रधानपाठक


होगी कड़ी कार्रवाई
इस मामले में स्वयं सहायता समूह एवं रसोइया की लापरवाही सामने आ रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, कड़ी कार्रवाई होगी।
मिथलेश सिंह सेंगर, बीईओ, सीतापुर


बच्चों की स्थिति बेहतर
अस्पताल में बच्चों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए गए हैं। भर्ती बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। घटनाक्रम पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।
अजय त्रिपाठी, एसडीएम, सीतापुर

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Published on:
16 Dec 2017 09:17 pm
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