अंबिकापुर

अष्टमी-नवमी का रहा सुखद संयोग, टीएस सिंहदेव ने राजसी परंपरा से महामाया मंदिर में की विशेष संधि पूजा

टीएस सिंहदेव के साथ युवराज आदित्येश्वर शरण सिंहदेव व उनकी पत्नी ने भी की पूजा-अर्चना
2 min read
TS Singhdeo in Mahamaya temple
TS Singhdeo worship in Mahamaya temple

अंबिकापुर. शारदीय नवरात्र पर अष्टमी व नवमीं के सुखद संयोग रहा। हाथों में नारियल माथे पर माता के नाम का पट्टा बांधे हुए बुधवार की सुबह भक्तों का रेला महामाया माई के दर्शन की लालसा लेकर पैदल ही निकल पड़ा। हजारों की संख्या में शहर से माता के भक्त पैदल यात्रा करते हुए भक्ति में लीन होकर माता के दरबार भजन-कीर्तन करते हुए पहुंचे।

मंदिरों सहित दुर्गा पंडालों में भी माता के भक्तों की भीड़ शाम को उमड़ पड़ी। इधर राजसी परंपरा का निर्वहन करते हुए सरगुजा रियासत के वर्तमान महाराजा टीएस सिंहदेव व युवराज आदित्येश्वर शरण सिंहदेव व उनकी पत्नी द्वारा सुबह महामाया मां का विशेष श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।

शारदीय नवरात्र पर अष्टमी व नवमीं के सुखद संयोग पर महामाया मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में माता के दर्शन करने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हाथों में नारियल और माथे पर माता के नाम की चुन्नी बांधे हुए बुधवार की सुबह भक्तों का रेला महामाया माई के दर्शन की लालसा लिए कतारों में खड़े रहे।

हजारों की संख्या में माता के भक्त भक्ति में लीन होकर माता के दरबार पहुंचे। शारदीय नवरात्र के अवसर पर बुधवार की सुबह महाअष्टमी व महावनमीं के संधि अवसर पर मंदिरों व दुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शक्ति और साधना का महापर्व नवरात्र पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थी।

इस दौरान कन्या भोज सहित अनेक धार्मिक आयोजन किए गए। कन्या पूजन व भोज का सिलसिला दशहरा तक जारी रहेगा। महानवमीं पर नगर के मंदिरों व शक्तिपीठों में भी हवन-पूजन के साथ कन्या पूजन का आयोजन किया गया।

ग्रामीण अंचल में भी नवरात्रि पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। शहर के महामाया मंदिर-दुर्गा मंदिर सहित सभी दुर्गा पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।


राजसी परंपरा का हुआ निर्वहन
राजसी परंपरा का निर्वहन करते हुए महाअष्टमी व महानवमी के संधि पर सुबह ८ बजे से १ बजे तक आम लोगों के लिए महामाया मंदिर का पट बंद कर दिया गया था। सुबह सबसे पहले राजपुरोहित दीपेश पांडेय व मंदिर के महंत जयशंकर पांडेय ने महामाया माई का श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की।

इसके बाद राजसी परंपरा का निर्वहन करते हुए सरगुजा रियासत के वर्तमान महाराज टीएस सिंहदेव व युवराज आदित्येश्वर शरण सिंहदेव व उनकी पत्नी ने सुबह महामाया मां का विशेष श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की।

वहीं समलाया मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद आम लोगों के दर्शन के लिए मां महामाया का पट खोल दिया गया। इस दौरान उनके साथ राजपरिवार के सदस्य व राजपुरोहित व मां महामाया मंदिर के पुरोहित उपस्थित थे।

Updated on:
17 Oct 2018 06:54 pm
Published on:
17 Oct 2018 06:54 pm
Also Read
View All
Surguja Double Murder Case: माता-पिता की हत्या कर बोरे में बांध दी थी लाश, कमरे में ताला मारकर फरार बेटा गिरफ्तार, बताया- क्यों मारा

Stabbing in Ambikapur: उधार के 70 रुपए मांगने पर पिता-पुत्र ने 2 युवकों पर किया चाकू से हमला, लगाने पड़े 61 टांके

Surguja Kavad Yatra: कैलाश गुफा के लिए निकले 600 से अधिक कांवरिए, 120 किमी की करेंगे पदयात्रा, संत गहिरा गुरु के हैं उपासक

Ambikapur News: एनएच पर गड्ढे में फंसी भाजपा संगठन महामंत्री की कार, प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी को लगाई फटकार, कहा- यहां कभी आते हैं या नहीं…

Ambikapur में फिर पकड़ी गई महुआ दारू की फैक्टरी, 135 लीटर शराब और 4700 किलो लाहन के साथ महिला गिरफ्तार