
अंबिकापुर. संत हरकेवल कॉलेज का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। सरगुजा विश्वविद्यालय व कलक्टर द्वारा पूरे मामले की अलग-अलग जांच हेतु पत्र जारी किया गया है। विवि द्वारा जहां पूरे मामले की जांच का निर्णय कार्यपरिषद की बैठक में लिया गया है। वहीं जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच एसडीएम व पीजी कॉलेज के प्राचार्य को करने हेतु आदेश जारी किया है।
गौरतलब है कि संत हरकेवल बीएड कॉलेज में हो रही अनियमितता, दुव्र्यवहार तथा प्राचार्य द्वारा अमर्यादित शब्दों के प्रयोग किए जाने की शिकायत बीएड प्रथम व द्वितीय वर्ष की छात्राओं द्वारा की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनोद एक्का ने बताया कि कार्य परिषद में कालेज के प्राचार्य डॉ. अंजन सिंह की अनियमितताओं, शिकायतों व लगाए गए आरोपों के जांच रिपोर्ट पर चर्चा हुई।
कार्य परिषद के सदस्यों ने शिक्षा महाविद्यालय प्रबंधन को प्राचार्य की अनियमितताओं, शिकायतों, आरापों को जांच करने के लिए पत्र जारी करने का निर्णय लिया। कुलसचिव ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा प्राचार्य के खिलाफ की गई शिकायतों को सही पाया गया है। प्रबंधन की जांच के बाद कार्रवाई सरगुजा विवि और कॉलेज प्रबंधन के माध्यम से की जाएगी।
कुलपति ने बताया कि पार्वती महाविद्यालय को लेकर आये आरोप प्रबंधन के खिलाफ थे। जबकि संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय के आरोप प्राचार्य के खिलाफ हैं। जांच समिति में साईं कॉलेज के प्राचार्य राजेश श्रीवास्तव, पीजी कॉलेज के प्राध्यापक एसके श्रीवास्तव व यूटीडी फार्मेसी के विभागाध्यक्ष आनंद कुमार शामिल थे।
कलक्टर का आदेश- एसडीएम व पीजी कॉलेज के प्राचार्य करेंगे जांच
संत हरकेवल कॉलेज के प्राचार्य पर बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा प्रतिमा मिंज द्वारा आरोप लगाया गया था कि उसके गर्भवती रहने के दौरान कार्यक्रम में उससे जबरन नृत्य कराया गया था। शिकायत पर सोमवार को कॉलेज के प्राचार्य को कलक्टर किरण कौशल ने तत्काल कार्यालय में तलब किया था।
कलक्टर किरण कौशल ने मंगलवार को पूरे मामले की जांच हेतु आदेश जारी करते हुए बीएड प्रथम व द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षार्थियों द्वारा 9 मार्च को प्रस्तुत की गई हस्ताक्षरित शिकायत पत्र व प्रतिमा मिंज द्वारा समय-समय पर प्रस्तुत की गई शिकायतों की सूक्ष्मता से जांच करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए जांच कमेटी भी बनाइ गई है।
जांच कमेटी में एसडीएम प्रभाकर पाण्डेय व पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके त्रिपाठी को शामिल किया गया है। कलक्टर ने अपने आदेश में कहा है कि सभी बिन्दुओं पर संस्था में प्रशिक्षार्थियों के साथ विस्तार से चर्चा कर शिकायत की जांच होगी। जांच कमेटी रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर कार्यालय में प्रस्तुत करेगी। जांच कमेटी की रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।