
अंबिकापुर. घर में ही झाड़ू-पोछा करने वाली युवती के साथ एक व्यवसायी जान से मारने की धमकी देते हुए 2 महीने से दुष्कर्म कर रहा था। जब भी वह युवती को अकेला पाता उसकी आबरु लूटता था।
युवती के गर्भवती होने पर उसे न केवल परिवार वालों ने त्याग दिया, बल्कि जहां काम करती थी, वहां से भी निकाल दिया गया। इसकी शिकायत युवती ने महिला थाने में की। जांच के बाद पुलिस ने मामले में जुर्म दर्ज करते हुए आरोपी व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया है।
20 वर्ष पूर्व जिस बालिका को उसके पिता ने अपने ही दोस्त को बेच दिया था, बाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बालिका के पिता व दोस्त को जेल भेज दिया था। आज वही युवती दुष्कर्म की शिकार हो गई। महिला थाने की टीआई ने बताया कि पटपरिया निवासी प्रदीप चौधरी पिता कृष्ण कुमार चौधरी व उसके भाई के यहां एक 20 वर्षीय युवती घर का काम करती थी।
दुर्गा पूजा के समय जब घर के सभी सदस्य बाहर गए हुए थे। इसी दौरान युवती को प्रदीप चौधरी ने पकड़ लिया और उसे जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी किसी को भी देने पर व्यवसायी ने उसके पूरे घर वालों को मार देने की धमकी भी दी।
एक बार दुष्कर्म करने के बाद पुन: 15 दिनों के बाद व्यवसायी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जब भी उसे घर में अकेला पाता, उसके साथ दुष्कर्म करता था। इस दौरान वह गर्भवती हो गई।
बुधवार को युवती का मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने आरोपी प्रदीप चौधरी के खिलाफ गुरुवार को धारा 36(२)(ढ) व 506 के तहत जुर्म दर्ज करने के साथ ही गिरफ्तार कर लिया।
मामला रफा-दफा करने का प्रयास
पुलिस द्वारा मामले में जुर्म दर्ज करने की जानकारी मिलते ही बाद व्यवसायी के परिवार वालों के साथ उनके मित्रों ने मामले को रफा-दफा करने के लिए युवती के परिवार वालों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन युवती ने हिम्मत दिखाते हुए मामला वापस नहीं लिया।
मेडिकल के लिए भटकती रही पीडि़ता
मामले में पुलिस ने आरक्षक के साथ पीडि़ता को मेडिकल कॉलेज अस्पताल जांच के लिए भेजा था। लेकिन वहां ड्यूटी कर रहे किसी भी डॉक्टर ने जांच की जहमत जल्दी नहीं उठाई। देर रात लगभग 9.30 बजे दुष्कर्म पीडि़ता का स्वास्थ्य परीक्षण कर रिपोर्ट पुलिस को दी गई। इसके बाद गुरूवार को पुन: जांच के लिए सुबह 11 बजे से पीडि़ता को बैठाया गया था, उसे शाम 6 बजे अस्पताल से भेजा गया।