Anganwadi workers protest: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं काफी कम मानदेय दिए जाने पर जताया आक्रोश, शासकीयकरण की मांग लेकर सडक़ पर उतरीं, सरगुजा में आंगनबाड़ी संयुक्त मंच का शक्ति प्रदर्शन
अंबिकापुर. दो दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच ने धरनास्थल से रैली निकालकर कलेक्टोरेट का घेराव (Anganwadi workers protest) किया। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संभाग भर के बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल हुई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी कुपोषण भगाने की है, लेकिन हम सब खुद कुपोषित है। क्योंकि सरकार द्वारा जो मानदेय दिया जा रहा है। उससे न तो हमारा भरण पोषण हो रहा है और न ही बच्चों का। हम अपना घर कैसे चलाएं?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच के आह्वान पर आंबा कार्यकर्ता-सहायिकाएं 26 और 27 फरवरी को 2 दिवसीय हड़ताल पर रहे। ये अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अंबिकापुर स्थित एसबीआई शाखा के सामने धरना पर बैठे रहे। शुक्रवार को बड़ी संख्या में मंच के लोगों ने धरना स्थल से रैली निकालकर (Anganwadi workers protest) कलेक्टोरेट का घेराव किया।
इस दौरान मंच द्वारा प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि देश में आईसीडीएस योजना को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi workers protest) और सहायिकाएं घर-घर जाकर महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं पहुंचा रही हैं। कोविड महामारी, निर्वाचन कार्य और सर्वे जैसे अतिरिक्त दायित्व भी निभाए गए।
इसके बावजूद कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को प्रतिमाह काफी कम मानदेय दिया जा रहा है, जिसे उन्होंने जीवनयापन के लिए अपर्याप्त बताया। वर्ष 2018 के बाद से केंद्र सरकार द्वारा मानदेय में कोई वृद्धि नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं (Anganwadi workers protest) ने 3 मांगे कीं। इसमें कहा कि उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। शासकीयकरण तक कार्यकर्ता को 26 हजार रुपए और सहायिका को 22,100 रुपए मासिक वेतन स्वीकृत किया जाए, साथ ही प्रतिवर्ष वृद्धि की व्यवस्था हो। सामाजिक सुरक्षा के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा और कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
संयुक्त मंच ने चेतावनी दी है कि 8 मार्च तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 9 मार्च को प्रदेशभर की लगभग 1 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं रायपुर पहुंचकर विधानसभा का घेराव (Anganwadi workers protest) करेंगी। जिला अध्यक्ष अनूप कुशवाहा, भुनेश्वरी और शैल बानो ने बताया कि हड़ताल के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर रैली और प्रदर्शन किए जाएंगे।