
अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें समाज ने एक परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। दरअसल 10 दिन पूर्व एक कार्यक्रम में भाजपा नेता ने मंच पर बैठी महिला सरपंच को माला (Garlanded to Sarpanch) पहना दी। इसका सरपंच के पति और समाज के लोगों ने विरोध जताया। इसके बाद समाज ने सरपंच के पूरे परिवार को 1 साल के लिए समाज से बहिष्कृत करने का फरमान (Boycott to society) जारी कर दिया। वहीं यह शर्त भी रखी गई कि जब तक उन्हें सामाजिक दंड नहीं मिल जाता, तब तक समाज में उनकी वापसी नहीं होगी। अब पीडि़त परिवार ने भाजपा नेता के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
रघुनाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हरिगवां में करीब 10 दिन पूर्व स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मंच पर महिला सरपंच समेत भाजपा नेता मंशाराम साहू व अन्य बैठे थे। स्वागत कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता मंशाराम साहू ने मंच पर बैठी महिला सरपंच (Female Sarpanch garlanded) को माला पहना दी।
इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। महिला सरपंच के पति ने भाजपा नेता द्वारा माला पहनाए जाने का विरोध किया। इसी बीच खेरवार समाज द्वारा महिला सरपंच व उसके पूरे परिवार का 1 साल तक के लिए बहिष्कार (Boycott of female sarpahch family) कर दिया गया।
समाज के लोगों ने उनके सामने यह शर्त भी रख दी है कि महिला सरपंच के परिवार को सामाजिक दंड मिलने के बाद ही उनका समाज में मिलान किया जाएगा। इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोकतंत्र के इस दौर में खाप पंचायत द्वारा इस तरह का फरमान जारी किए जाने की चर्चा हो रही है।
समाज द्वारा बहिष्कृत (Female sarpanch boycott) किए जाने से महिला सरपंच व उसका परिवार आक्रोशित है। उनका कहना है कि कोई भी पुरुष या नेता महिला या चुनी हुई जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक जगह पर माला नहीं पहना सकता है। भाजपा नेता को हाथ में माला देनी चाहिए थे। पीडि़त परिवार ने भाजपा नेता के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं भाजपा नेता पर पंचायत के कामों में वसूली का भी आरोप लगाया है।
इस संबंध में रघुनाथनगर थाना प्रभारी धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायत थाने में की गई है। मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। थाना प्रभारी का कहना है कि वे जांच के लिए गांव जा रहे हैं।