
अंबिकापुर. सरगुजा जिले में ब्लैक फंगस (Black Fungus) से मौत का पहला मामला सामने आया है। ब्लैक फंगस से संक्रमित महिला की 17 जून को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई।
महिला का ऑपरेशन 3 दिन पहले ही हुआ था। खास बात यह है कि महिला न तो कोरोना से संक्रमित हुई थी और न ही उसे ऐसे कोई लक्षण थे। बताया जा रहा है कि महिला का शुगर लेबल काफी बढ़ा हुआ था।
कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस भी अपने पांव पसारता जा रहा है। ब्लैक फंगस का खतरा शुगर पैसेंट को सबसे ज्यादा होता है। यदि शुगर की बीमारी से पीडि़त कोरोना की चपेट में चुका है तो स्टेरॉयड के कारण उसकी इम्यूनिटी और कम हो जाती है। ऐसे में ब्लैक फंगस(Black Fungus) उस पर अटैक कर सकता है।
इसके अलावा ऐसे लोगों को भी ब्लैक फंगस से खतरा रहता है जिनकी इम्यूनिटी काफी कम होती है। ऐसा ही एक मामला अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे पर शहर से सटे ग्राम भिट्ठीकला से आया है। 55 वर्षीय एक महिला के आंख में संक्रमण हुआ तो इसी सप्ताह परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था।
यहां जांच में डॉक्टरों ने ब्लैक फंगस की पुष्टि की। महिला का शुगर लेबल काफी बढ़ा हुआ था। 14 जून को डॉक्टरों ने महिला की आंखों का ऑपरेशन किया लेकिन 17 जून की शाम उसकी मौत हो गई।
मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे ब्लैक फंगस के 7 मरीज
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Medical college hospital) में संभाग के 7 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। इनमें 55 वर्षीय एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि 3 मरीजों को रायपुर रेफर किया गया है, वहीं अन्य का इलाज जारी है। ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मरीजों में बलरापुर से 3 तथा सरगुजा व सूरजपुर जिले के 2-2 मरीज शामिल हैं।