
अंबिकापुर। शहर के पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक को मंगलवार की रात अंबिकापुर-रायगढ़ नेशनल हाइवे पर लुचकी घाट के पास राजधानी बस ने कुचल (Bus crushed head constable) दिया। इससे पुलिसकर्मी की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस जब्त कर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिसकर्मी का शव पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। बुधवार की सुबह पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया गया। बताया जा रहा है कि सुबह वह ड्यूटी जाने की बात कहकर घर से निकला था। रात में पत्नी ने फोन भी लगाया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। बुधवार की सुबह अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे सडक़ हादसे में उसके पति की मौत की सूचना दी।
सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोदा मानापारा निवासी श्रीराम लकड़ा पिता धनसाय 53 वर्ष इन दिनों अंबिकापुर पुलिस लाइन में प्रधान आरक्षक (Bus crushed Policemen in Surguja) के पद पर पदस्थ था। वह अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित पुलिस कॉलोनी में निवास कर रहा था। मंगलवार की सुबह करीब 10.30 बजे वह पुलिस लाइन में ड्यूटी जाने की बात कहकर निकला था।
शाम तक वह घर नहीं लौटा तो रात करीब 11 बजे पत्नी ने फोन लगाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। पत्नी ने सोचा कि किसी काम में फंसे होंगे, इस वजह से उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और वह सो गई। सुबह कॉलोनी में ही रहने वाले पुलिस स्टाफ ने बताया कि बस से कुचलकर श्रीराम लकड़ा की मौत (Head constable died) हो गई है।
उसका शव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रखवाया गया है। यह सुनते ही उसके रोने का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद वह अस्पताल पहुंची। यहां पति का शव देखकर वह सदमे में आ गई।
बताया जा रहा है कि बाइक सवार प्रधान आरक्षक श्रीराम लकड़ा को शहर से लगे लुचकी घाट पर रात करीब 9 बजे तेज रफ्तार राजधानी बस क्रमांक सीजी 15 ए- 5316 ने चपेट में ले लिया। बस से कुचल जाने से उसकी मौत (Head constable died in bus accident) हो गई। वह लुचकी घाट की ओर कैसे पहुंचा? इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है।
आशंका जताई जा रही है कि वह अपने गृहग्राम बतौली चला गया होगा, वहां से लौटने के दौरान बस हादसे का शिकार हो गया। फिलहाल पुलिस ने बस जब्त कर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।