अंबिकापुर

Video : क्लर्क को जिम में हुई घबराहट तो चला गया क्लिनिक, यहां डॉक्टर ने लगाया मौत का इंजेक्शन, मचा बवाल

चक्काजाम के बाद झोलाछाप डॉक्टर सहित 2 हिरासत में, झोलाछाप डॉक्टर को बचाने एमबीबीएस डॉक्टर ने मौत के बाद बनाई पर्ची
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fake doctor in custody
fake doctor in police custody

अंबिकापुर/सीतापुर. शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत एक युवक सोमवार की सुबह जिम गया था। यहां घबराहट होने पर वह अपने दोस्त के साथ नगर में ही स्थित झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में इलाज कराने चला गया। यहां डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाने के बाद बॉटल भी चढ़ाया। इलाज के दौरान 2 घंटे के भीतर ही युवक की मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए उसके परिजनों व नगरवासियों ने क्लिनिक के पास एनएच पर चक्काजाम कर दिया।

सूचना पर एसडीएम, एसडीओपी सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। प्रशासन व पुलिस ने क्लिनिक को सील कर झोलाछाप डॉक्टर व एक एमबीबीएस डॉक्टर को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि एमबीबीएस डॉक्टर ने युवक की मौत के बाद दवा की पर्ची बनाई थी। कार्रवाई के आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया गया।


सरगुजा जिले के सीतापुर निवासी अभिषेक गुप्ता उर्फ अन्नदाता पिता दिनेश गुप्ता 23 वर्ष मैनपाट के नर्मदापुर स्थित शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर पदस्थ था। सोमवार की सुबह वह नगर में ही स्थित जिम में गया था। जिम करने के दौरान उसे घबराहट महसूस होने लगी तो वह अपने दोस्त कमलेश पिता श्यामलाल के साथ 8.30 बजे मिश्रा क्लिनिक में चला गया। यहां क्लिनिक के कथित डाक्टर निरंजन लाल मिश्रा ने उसका इलाज शुरु किया।

बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाने के बाद उसे बॉटल चढ़ा रहा था। इसी बीच उसकी मौत हो गई। इधर डॉक्टर ने इमरजेंसी में एमबीबीएस डॉक्टर पीएल वर्मा को बुला लिया। 10.30 बजे जब एमबीबीएस डॉक्टर ने उसकी जांच की तो उसकी मौत हो चुकी थी। इसकी जानकारी जब मृतक के परिजनों को लगी तो वे तत्काल क्लिनिक पहुंच गए।

इकलौते बेटे की मौत के बाद परिजनों ने वहां हंगामा करना शुरु कर दिया। धीरे-धीरे परिजनों समेत नगरवासियों ने चक्काजाम कर दिया। वे मिश्रा क्लिनिक के संचालक को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। इधर एकलौते बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


एसडीएम व एसडीओपी मौके पर पहुंचे
चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम अजय कुमार त्रिपाठी व एसडीओपी ऐश्वर्य चंद्राकर अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी ली। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर ने अपने आप को क्लिनिक के बगल में स्थित एक कमरे में बंद कर लिया था।

एसडीएम व पुलिस ने उसे बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया। वहीं प्रशासन ने क्लिनिक को सील कर संचालक निरंजन लाल मिश्रा व एमबीबीएस डॉक्टर पीएल वर्मा को थाने ले आई। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। इस दौरान अंबिकापुर-रायगढ़ एनएच पर करीब 2 घंटे तक चक्काजाम रहा।


बिना डिग्री के डॉक्टर को सफेदपोशों का संरक्षण
मृतक के परिजनों व नगरवासियों का कहना था कि मिश्रा क्लिनिक के कथित डॉक्टर निरंजन लाल मिश्रा के पास इलाज करने संंबंधित कोई डिग्री नहीं है। इसकी शिकायत कई बार हो चुकी है, इसके बावजूद क्लिनिक चल रहा है।

उनका कहना था कि कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं व अधिकारियों का इस झोलाछाप डॉक्टर को संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने झोलाछाप डॉक्टर को यहां से हमेशा के लिए हटाने की भी मांग की। इधर एमबीबीएस डॉक्टर ने कबूल किया कि उनके आने के पहले युवक की मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद उन्होंने क्लिनिक के संचालक को बचाने दवा की पर्ची बनाई।


दर्जनभर से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत
चक्काजाम में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में आकर अब तक दर्जनभर से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के मरीज होने के कारण कोई शिकायत नहीं करता। यदि शिकायत की भी जाती है तो जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है। वहीं लोगों ने आरोप लगाया कि मरीज को जल्द से ठीक करने के नाम पर यहां हाई डोज की दवा दी जाती है।

Published on:
25 Sept 2017 02:34 pm
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