Chit fund company: पीएसीएल नामक चिटफंड कंपनी द्वारा वर्ष 2016 में लोगों को कम समय में रकम दोगुना करने का दिया गया था झांसा
अंबिकापुर। वर्ष 2016 में चिटफंड कंपनी (Chit fund company) के जरिए बड़ी संख्या में लोगों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में फरार 2 और डायरेक्टरों को सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पूर्व मामले में 4 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कंपनी द्वारा कम समय में रकम दोगुना करने का झांसा देकर लोगों से रुपए की ठगी की गई थी। इसके शिकार सूरजपुर जिले के काफी संख्या में लोग हुए थे।
वर्ष 2016 में पीएसीएल नामक चिटफंड कंपनी (Chit fund company) खोलकर लोगों को रकम दोगुना करने का झांसा देकर निवेश कराया गया था। लेकिन निवेश की मेच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद लोगों की रकम दोगुना नहीं हुई। इस पर ग्राम केतका निवासी कमल सिंह केराम व ग्राम गंगोटी निवासी रनमेत बाई ने सूरजपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दोनों ही मामले में धारा 420, 120बी, 4, 5, 6 इनामी चिट और धन परिचालन अधिनियम 1978 तथा छग निक्षेपकों के हितों की संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज (Chit fund company) कर कंपनी के डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह व जोगेन्दर टाइगर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले में अन्य आरोपी फरार थे जिनकी तलाश जारी थी।
खोजबीन के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कंपनी के 2 और डायरेक्टर दिल्ली में हैं। इस पर टीम ने वहां दबिश देकर दो आरोपी सुब्रत भट्टाचार्य पिता स्व. बिरेश्वर उम्र 64 वर्ष निवासी गुरुग्राम हरियाणा तथा गुरमीत पिता स्व. कुलवंत सिंह उम्र 60 वर्ष निवासी प्रीतमपुरा थाना मौर्या इनक्लेव दिल्ली नॉर्थ वेस्ट को गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई (Chit fund company) में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एसआई गंगासाय पैंकरा, एएसआई संजय सिंह, मनोज द्धिवेदी, नंदलाल सिंह, आरक्षक राजेश्वर सिंह व रविराज पांडेय सक्रिय रहे।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पीएसीएल कंपनी के डायरेक्टर थे और अन्य डायरेक्टरों के साथ मिलकर निवेशकों को राशि को डबल करने का झांसा देते थे। आरोपियों ने बताया कि सूरजपुर जिले के बड़ी संख्या में निवेशकों को झांसा देकर करोड़ों रुपए निवेश कराकर धोखाधड़ी (Chit fund company) की हैं।