Dead body on bike: स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर डबरी में डूबकर 2 चचेरे भाइयों की मौत के मामले में हुई कार्रवाई, कलेक्टर ने परिजनों को दी 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के रघुनाथपुर चौकी अंतर्गत ग्राम सिलसिला निवासी 2 मासूम चचेरे भाइयों की रविवार को गांव की डबरी में डूबकर मौत हो गई थी। सोमवार को रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोनों का पोस्टमार्टम हुआ था। पीएम करने वाले डॉक्टर पर परिजनों ने 20 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया था। वहीं शव वाहन नहीं मिलने पर बाइक पर दोनों बच्चों का शव (Dead body on bike) परिजन घर ले गए थे।
बाइक पर शव ले जाने का वीडियो वायरल (Dead body on bike) होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ सचिव ने धौरपुर बीएमओ डॉ. राघवेंद्र चौबे को जहां सस्पेंड कर दिया है, वहीं रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमन जायसवाल का बॉंड कैंसिल करते हुए उन्हें हटा दिया है। वहीं कलेक्टर ने दोनों मृत बच्चों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि प्रदान की है।
शव वाहन नहीं मिलने पर दोनों बच्चों का शव बाइक (Dead body on bike) पर ले जाया गया था। इस खबर से प्रशासनिक महकमे में हडक़ंच मच गया था। मामले की जानकारी जब स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तक पहुंची तो उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए।
इधर सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर मंगलवार को ग्राम सिलसिला पहुंचे और मृत बच्चों के परिजन से मुलाकात की। उन्होंने दोनों के परिजन को शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए मुआवजा राशि प्रदान की। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि लापरवाही पर संबंधित को सस्पेंड (Dead body on bike) किया जा रहा है।
लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सिलसिला निवासी 5-5 वर्ष के 2 चचेरे भाई रविवार को खेलते हुए गांव के डबरी के पास चले गए थे। यहां नहाने के दौरान डूब जाने से उनकी मौत (Dead body on bike) हो गई थी। परिजन उन्हें खोजते हुए पहुंचे तो शव डबरी में देखा।
इसके बाद दोनों को निकालकर रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां बिना पुलिस को जानकारी दिए डॉक्टर ने उन्हें घर भेज दिया था। जब पुलिस को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पीएम कराने की बात कही। इस पर सोमवार को परिजन दोनों बच्चों का शव लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
मृत बच्चों के परिजन ने आरोप लगाया था कि पीएम करने वाले डॉक्टर ने उनसे 20 हजार रुपए मांग की थी। वहीं शव वाहन की व्यवस्था नहीं होने पर दोनों बच्चों का शव बाइक (Dead body on bike) पर ढोकर घर ले गए थे।