Dismissed: मामला सामने आने के बाद चल रही है जांच, मेडिकल कॉलेज (Medical college) में संविदा मेें सहायक प्राध्यापक फॉरेंसिक व मेडिसिन के पद पर थे पदस्थ
अंबिकापुर. 30 जून को डॉक्टर के पेशे को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई थी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर द्वारा पीएम रिपोर्ट देने के बदले एक महिला से 50 हजार रुपए की डिमांड की गई थी। महिला ने कर्ज लेकर 10 हजार दिए लेकिन डॉक्टर डिमांड पर अड़ा रहा।
इसकी शिकायत महिला व उसके परिजनों द्वारा कलक्टर से की गई थी। वहीं कुछ संगठनों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने जमकर प्रदर्शन किया था। इधर आरोपी डॉ. एसएन गोले की सेवा समाप्त कर दी गई है। वह संविदा में मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के पद पर पदस्थ था।
गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के ग्राम महेशपुर निवासी सोनारी राजवाड़े के युवा भतीजे योगेंद्र राजवाड़े को सांप ने डस लिया था। 28 मई 2021 को इलाज के दौरान उसकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में मौत हो गई थी।
यहां पदस्थ डॉ. राजू गोले ने पीएम करने के एवज में महिला से 2 हजार रुपए लिए और पीएम रिपोर्ट देने के लिए 50 हजार रुपए की डिमांड की थी। महिला ने कर्ज लेकर 10 हजार रुपए दिए थे लेकिन डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। इसके बाद मामले की शिकायत महिला व उसके परिजनों ने कलक्टर से की थी।
कलक्टर ने मामले के जांच के आदेश दिए थे। मामले की जांच चल रही है। इधर मेडिकल कॉलेज के डीन ने एक आदेश जारी कर आरोपी डॉ. एसएन गोले की संविदा सेवा समाप्त कर दी है।
संगठनों ने किया था प्रदर्शन
पीएम रिपोर्ट के बदले डॉक्टर द्वारा 50 हजार रुपए मांगने के मामले में डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर शहर के कई संगठनों ने प्रदर्शन किया था। अस्पताल परिसर में लेटकर धरना दिया गया था।
डीन बोले- नहीं बढ़ाई गई संविदा
इस मामले में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति ने बताया कि डॉ. एसएन गोले संविदा में सहायक प्राध्यापक के पद पर पदस्थ थे। इसी बीच पीएम रिपोर्ट के बदले रुपयों की डिमांड का मामला भी सामने आ गया था। इस कारण उसकी संविदा अवधि और नहीं बढ़ाई गई। पीएम रिपोर्ट के बदले रिश्वत मामले में यह कार्रवाई नहीं की गई है, उसकी जांच चल रही है।