Doctor's donating body: मृत्यु के बाद उनके पुत्र द्वारा मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया पार्थिव शरीर, चिकित्सा शिक्षा व शोध कार्य में होगा उपयोग
अंबिकापुर. शहर के डीसी रोड निवासी एवं माहुले क्लिनिक के संचालक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दुर्गा प्रसाद माहुले का 7 मार्च को लाइफ लाइन अस्पताल में निधन (Doctor's donating body) हो गया। वे 78 वर्ष के थे। उनके निधन से चिकित्सा जगत और शहर में शोक की लहर है। वहीं डॉ. माहुले ने अपने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था। उनकी मृत्यु के बाद उनके पुत्र ने उनका पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया।
डॉ. माहुले क्षेत्र के प्रतिष्ठित, सेवा भावी और मिलनसार चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने लंबे समय तक चिकित्सा सेवा को समाज सेवा का माध्यम बनाते हुए हजारों मरीजों का उपचार किया और लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। डॉ. माहुले (Doctor's donating body) ने अपने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था।
उनके निधन के बाद उनके पुत्र अभिनव माहुले ने उनके पार्थिव शरीर (Doctor's donating body) को चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्य के लिए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर को सौंप दिया।
मेडिकल कॉलेज में प्रभारी अधिष्ठाता एवं एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. रंजना सिंह आर्या ने विधिवत प्रक्रिया पूरी कर पार्थिव शरीर को विभाग द्वारा ग्रहण किया। इस अवसर पर विभाग के चिकित्सा शिक्षक डॉ. परमानंद अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
मेडिकल कॉलेज के अनुसार वर्तमान में अध्ययन और शोध कार्य के लिए कुल 12 देह उपलब्ध हैं। डॉ. माहुले की देहदान के रूप में प्राप्त यह चौथी देह (Doctor's donating body) है, जो मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और अनुसंधान में उपयोगी होगी।
डॉ. रंजना सिंह आर्या ने कहा कि स्व. डॉ. माहुले का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है, जिससे देहदान के प्रति जागरुकता बढऩे की उम्मीद है।