
अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंगरा में बुधवार की शाम हाथी के हमले (Elephant killed villagers) में एक किसान की मौत हो गई। किसान अपने एक साथी के साथ खाद लेकर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में हाथी ने दोनों पर हमला कर दिया। साथी तो किसी तरह भाग निकला, लेकिन हाथी ने किसान को मार डाला। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को कब्जे में लेकर पोड़ी मोड़ चौक सडक़ पर गुरुवार की सुबह रखा और चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग पर हाथियों के विचरण से संबंधित जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने हाथियों से जान, माल की सुरक्षा के स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं मृतक के परिवार को 20 लाख मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। घटना के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंगरा निवासी किसान रामलाल 52 वर्ष बुधवार की दोपहर खाद लेने प्रतापपुर गया था। वहां से शाम को वह अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में सिंगरा जंगल के पास हाथी ने उनपर हमला (Elephant attack) कर दिया।
इससे किसान रामलाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथी ने किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई। उसने घटना की जानकारी गांव में जाकर दी। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें शव उठाने नहीं दिया।
गुरुवार की सुबह परिजन समेत गांव के लोग किसान का शव लेकर घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर पोड़ी मोड़ चौक पर पहुंचे और शव को सडक़ पर रखकर चक्काजाम (Elephant killed then road blockade) कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों पर क्षेत्र में हाथियों के विचरण की जानकारी नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है।
पोड़ी मोड़ चौक पर ग्रामीणों द्वारा शव रखकर चक्काजाम किए जाने की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी समेत प्रशासनिक व पुलिस अमला मौके पर पहुंचा। उनके द्वारा ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में बार-बार हाथियों के हमले (Death in Elephants attack) में हो रही मौतों को लेकर आक्रोशित हैं। उन्होंने हाथियों की समस्या से स्थायी समाधान की मांग की है।