Elephants killed husband-wife: जंगल के किनारे घर बनाकर रह रहे थे वृद्ध दंपति, अलसुबह पहुंचे हाथियों ने पहले घर तोड़ा फिर दोनों को मार डाला
अंबिकापुर/प्रतापपुर. Elephants killed husband-wife: सरगुजा संभाग में हाथियों का उत्पात जारी है। इसी कड़ी में प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत एक गांव में सोमवार की अलसुबह 2 दंतैल हाथियों ने वृद्ध ग्रामीण के घर को तोडऩा शुरु किया। आवाज सुनकर पति-पत्नी जैसे ही घर से बाहर निकले, हाथियों ने दोनों को कुचलकर मार डाला। बताया जा रहा है कि पिछले साल भी हाथियों ने उक्त दंपति का घर तोड़ा था। इधर सूचना पर पहुंची वन विभाग (Forest team) की टीम के ऊपर ग्रामीण भडक़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथियों के गांव की ओर आने की सूचना वन विभाग द्वारा उन्हें दी गई थी।
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम दरहोरा निवासी हरिधन 69 वर्ष अपनी पत्नी नन्ही 66 वर्ष के साथ रहता था। दोनों के कोई संतान नहीं थे, ऐसे में वृद्ध दंपती गांव से लगे जंगल के किनारे घर बनाकर रह रहे थे।
रविवार की रात पति-पत्नी घर में सो रहे थे। इसी बीच सोमवार की अलसुबह करीब 4 बजे 2 हाथी वहां पहुंचे और घर को तोडऩे लगे। आवाज सुनकर पति-पत्नी की नींद टूटी तो वे घर से बाहर निकल गए। इसी बीच हाथियों ने दोनों को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और कुचलकर मार डाला।
वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश
दंतैल हाथियों द्वारा वृद्ध दंपति को मार डालने की सूचना पर वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान वहां मौजूद ग्रामीण उनपर भडक़ गए।
उनका कहना था कि हाथियों के गांव की ओर आने की सूचना उन्हें नहीं दी गई थी। कुछ देर तक चली बहस के बाद मामला शांत हुआ।
भटककर पहुंचे हैं दोनों हाथी
वन विभाग प्रतापपुुर क्षेत्र के एसडीओ आशुतोष भगत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों दंतैल हाथी अलग-अलग इलाके से अपने दल से भटककर यहां पहुंचे हैं।
उन्होंने बताया कि एक दंतैल सीतापुर, लुंड्रा, अंबिकापुर व कल्याणपुर होते हुए जबकि दूसरा हाथी वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहे 34 हाथियों के दल से भटककर प्रतापपुर क्षेत्र में पहुंचा है। दोनों हाथी इन दिनों साथ-साथ घूम रहे हैं।