
अंबिकापुर। म्यूल एकाउंट के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फेसबुक के माध्यम से एक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद आरोपी विभिन्न लोगों के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर धोखाधड़ी (Cyber fraud case) के उपयोग के लिए देता था। इसके एवज में आरोपी को प्रति खाता के हिसाब से 1 हजार रुपए मिलते थे। 1 हजार रुपए के लालच में उसने ग्रामीण क्षेत्र के कई लोगों का अपना शिकार बनाया। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बुधवार को उसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया है।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर फर्जी मोबाइल नंबर जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) और म्यूल बैंक खातों के धारकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी दौरान संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध साइबर पोर्टल पर विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली।
जांच में खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी (Fraud amount) की रकम प्राप्त करने के लिए किए जाने के तथ्य सामने आए। इस आधार पर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 317(4) और 3(5) में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
कोतवाली पुलिस ने आरोपी सतीश कुमार भारती (54) को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने फेसबुक के माध्यम से एक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद प्रति खाता 1 हजार रुपए लेकर अन्य लोगों के नाम पर पंजाब नेशनल बैंक में खाते खुलवाने और उन्हें मोबाइल नंबर से लिंक कराने की बात स्वीकार की।
पुलिस (Surguja police) का कहना है कि इन खातों के जरिए विभिन्न राज्यों के लोगों से कुल 14 लाख 17 हजार 49 रुपए की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा लेन-देन किया गया था। पुलिस ने आरोपी सूरजपुर जिले के लटोरी चौकी अंतर्गत ग्राम द्वारिकानगर निवासी सतीश कुमार भारती को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया है। बता दें कि इसके पूर्व भी अंबिकापुर में दर्जनों लोग म्यूल अकाउंट खुलवाने के मामले में जेल भेजे जा चुके हैं। म्यूल अकाउंट का उपयोग सट्टे से मिले लाखों रुपए रखने के लिए भी किए जाते रहे हैं।