अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व वन एवं गृहमंत्री प्रभुनारायण त्रिपाठी को दिया गार्ड ऑफ ऑनर
अंबिकापुर. अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व वन एवं गृहमंत्री प्रभु नारायण त्रिपाठी का सोमवार की रात लगभग 10 बजे निधन हो गया। पूर्व गृहमंत्री आपातकाल के समय जेल भी गए थे और वे मिस्सा बंदी भी थे। बुधवार को प्रभु नारायण त्रिपाठी को पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ आनर देते हुए पूरे राजकीय सम्मान के साथ शंकरघाट में अंतिम विदाई दी गई।
इस दौरान भाजपा के जनप्रतिनिधियों के अलावा कमिश्रर टामन सिंह सोनवानी एवं कलक्टर डॉ. सारांश मित्तर द्वारा पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
अम्बिकापुर के शंकरघाट स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के दौरान उनके पुत्र जय प्रकाश त्रिपाठी द्वारा मुखाग्नि दी गई। उनके तीन पुत्र जय प्रकाश, भारत प्रकाश, आनंद प्रकाश एवं पुत्री प्रतिभा दुबे हैं।
इन पदों का किया था निर्वहन
पारिवारिक सदस्यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वे 86 वर्ष के थे। उनका जन्म 4 सितम्बर 1932 को हुआ था। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन में विधि-विधायी, वन, पंचायत एवं सामुदायिक विकास तथा गृहमंत्री के पदों पर कार्य किया।