अंबिकापुर

सहेलियों के साथ स्कूल जा रही स्टूडेंट को रास्ते में रोक लिया इस सिरफिरे मजनू ने, कुछ सोंच पाती उससे पहले ही…

सहेलियों के साथ गांधीनगर स्थित स्कूल जाने के दौरान रास्ता रोक कर युवक ने दिया था वारदात को अंजाम, कोर्ट ने सुनाया 10 वर्ष का सश्रम कारावास

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अंबिकापुर. एक तर$फा प्यार में सनकी युवक ने 4 जुलाई 2017 की सुबह सहेलियों के साथ साइकिल से स्कूल जा रही एक छात्रा को रास्ते में रोक कर युवक ने चाकू से ताबड़तोड हमला कर दिया था। हमले से लहूलुहान छात्रा सड़क पर ही गिरकर बेहोश हो गई थी। हमले में घायल छात्रा को लोगों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था।

वहीं भाग रहे युवक को गांधीनगर पुलिस ने धारा 307 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरू सिंह ने फैसला सुनाया। उन्होंने आरोपी को मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

गांधीनगर थानांतर्गत ग्राम केशवपुर के परसिहापारा निवासी 18 वर्षीय छात्रा 12वीं में पढ़ती थी। उसे गांव के ही परसनपारा निवासी श्यामलाल पैंकरा अक्सर परेशान करता था। वह छात्रा पर अपना प्यार एक्सेप्ट करने का दबाव बनाता था लेकिन छात्रा को यह मंजूर नहीं था। 4 जुलाई 2017 की सुबह करीब 11 बजे छात्रा साइकिल से अपनी 2 सहेलियों के साथ गांधीनगर हाईस्कूल में पढऩे जा रही थी।

वह बिशुनपुर पावर हाउस के समीप पहुंची ही थी कि पहले से वहां खड़े श्यामलाल ने उसका रास्ता रोक लिया। वह फिर से उससे अपने प्यार कर इजहार करने लगा। इस पर छात्रा द्वारा इनकार करने पर चाकू निकाल लिया। फिर उसने कहा कि तू मेरी नहीं हो सकती तो तुझे किसी और की भी नहीं होने दूंगा। इसके बाद उसने छात्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया था।

चाकू के प्रहार से छात्रा के पेट, पीठ व दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गई थी। यह देख उसकी सहेलियां जोर-जोर से शोर मचाने लगीं तो आस-पास के लोग दौड़कर वहां पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना तत्काल गांधीनगर पुलिस को दी व छात्रा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वहां से भाग रहे युवक को दौड़ाकर धर दबोचा था। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 307 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया था। मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान मामले में आए साक्ष्य के आधार पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरू सिंह ने फैसला सुनाया।

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने मामले के आरोपी श्यामलाल पैंकरा को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके साथ ही 100 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।


एक वर्ष से कर रहा था परेशान
घायल छात्रा ने अस्पताल में पुलिस को बताया था कि आरोपी श्यामलाल पैकरा उसे एक वर्ष से परेशान कर रहा था। उसने यह बात अपने माता-पिता को इसलिए नहीं बताई थी कि उसकी पढ़ाई छुड़वा देंगे। छात्रा ने घटना से सप्ताहभर पूर्व यह बात अपने पिता को बताई थी।

इस पर उसके पिता ने युवक को बुलाकर समझाइश दी थी कि वह ऐसा न करे लेकिन इसके बावजूद वह उसे लगातार परेशान कर रहा था। यह बात न्यायालय में पीडि़ता छात्रा व उसकी सहेलियों ने बयान में दर्ज कराई थी।

Updated on:
02 Jul 2018 01:06 pm
Published on:
01 Jul 2018 10:04 pm
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