अंबिकापुर

इस चुनाव में नॉनवेज खिलाइए या वेज थाली; लगेंगे 100 रुपए, 10 रुपए में पड़ेगी एक कप चाय, जानें अन्य के रेट

विधानसभा प्रत्याशियों को समोसे व चाय का भी आयोग को देना होगा हिसाब, महामाला पहनाया तो खर्च की राशि से कटेंगे 6 हजार रुपए
2 min read
• •
Updated: 11 Oct 2018, 4:57 PM IST
Food
Food

अंबिकापुर. चुनाव आयोग के आचार संहिता लागू करते ही अब निर्वाचन आयोग ने कड़ाई से गाइड लाइन भी जारी कर दिया है। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी को एक-एक रुपए कहां गए, इसका हिसाब देना होगा। किसी भी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को समोसा, जलेबी, चाय खिलाना भी महंगा पड़ सकता है। चुनाव के लिए नॉनवेज और वेज थाली का रेट 100 रुपए रखा गया है। जबकि एक चाय की कीमत 10 रुपए है।


नई गाइड लाइन के अनुसार प्रचार के लिए लिए प्रत्याशी के खर्च की सीमा 28 लाख निर्धारित कर दी गई है। प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे खर्च पर चुनाव आयोग द्वारा सीसी टीवी कैमरे से नजर रखने के अलावा वीडियो शूटिंग करवाकर रेकॉर्ड रखा जाएगा।

आचार संहिता लगने के बाद से चुनाव आयोग द्वारा जारी गाइड लाइन के जरिए भावी प्रत्याशियों के खर्च व उनके प्रचार-प्रसार पर पैनी नजर रखने की पूरी तैयारी की गई है। मुख्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्याशियों द्वारा कार्यकर्ताओं के खाने-पीने से लेकर आमसभा के लिए लगाए जाने वाले टेंट-पंडाल तक का दर निर्धारित कर दिया है।


नॉनवेज खाना हुआ सस्ता, 100 रुपए थाली
निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्च की सीमा विधानसभा के लिए अधिकतम 28 लाख किए हैं। प्रत्याशी वोटरों या कार्यकर्ताओं के लिए मुर्गा, मटन, बकरा भात से लेकर कई तरह के दावत देते हैं। इसलिए चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव के लिए दर तय कर दिए हैं।

यहां तक नॉनवेज सब्जी की प्रति प्लेट की कीमत 100 रुपए तय की गई है जबकि होटलों में 200 से 300 रुपए है। वहीं वेज थाली भी 100 रु. की गई है। समोसे की कीमत 10 रुपए से अधिक नहीं दर्शा सकते। चाय के लिए प्रति कप १० रुपए तय किए गए हैं।


महामाला के 6 हजार तो बुके के 400 रुपए
अब किसी भी राजनीतिक दल के नेता के आगमन पर कार्यकर्ताओं व प्रत्याशियों को माला पहनाना महंगा पड़ सकता है। आमसभा में प्रत्याशी की तरफ से अगर कार्यकर्ता द्वारा महामाला पहनाई जाती है तो 6000 रुपए खर्च में जुड़ेंगे। इसके साथ ही बुके (गुलाब) के देने पर 400 रुपए लगेंगे। इसके साथ ही साइकिल और रिक्शा पर प्रचार करने पर 300 रुपए जबकि नाचा पार्टी लगाने पर 8000 रुपए देने होंगे।


खाते से लेन देन की भी देनी पड़ेगी जानकारी
विधानसभा चुनाव प्रत्याशी के लिए गाइड लाइन के अनुसार नया बैंक खाता खुलवाना पड़ेगा। जहां राशि डालने व निकालने का पूरा हिसाब देना पड़ेगा। प्रत्येक प्रत्याशी को 28 लाख रुपए से अधिक खर्च नहीं करना है। पिछले विधानसभा चुनाव में खर्च की सीमा 20 लाख थी।

चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार करते समय अपने कार्यकर्ताओं व मतदाताओं को रिझाने के लिए एक-एक लड्डू, कचौड़ी, समोसा, जलेबी के साथ चाय खिलाए तो उसका भी हिसाब देना पड़ेगा। यही नहीं अगर पानी पाउच भी बांटा गया तो उसकी गिनती की जाएगी। प्रत्याशी के हर हरकत हर व खर्च पर चुनाव आयोग की नजर रहेगी। यदि तय सीमा से अधिक खर्च हुआ तो प्रत्याशी पर गाज गिर सकती है।

Updated on:
11 Oct 2018, 4:57 PM IST
Published on:
Also Read
View All
Ambikapur Dog Bite: ढाबे में खेल रही डेढ़ साल की बच्ची को आवारा कुत्ते ने काटा, मां ने भगाया, 10 दिन बाद गोद हो गई सूनी

Surguja Olympic: 45 खिलाडिय़ों को 4 बजे लौटना था 60 किमी दूर घर, रात 12 बजे पहुंची बस, भटकते रहे भूखे-प्यासे

Chhattisgarh BJP Rally: गृहमंत्री विजय शर्मा ने अंबिकापुर में भरी हुंकार, कहा- घुसपैठियों के नाम पर लोकतंत्र को अस्थिर करना चाहता है विपक्ष

Surguja Crime: बिजली गुल हुई तो बाहर निकल गए लोग, देखा तो ट्रांसफॉर्मर चोरी कर रहे थे चोर, 1 को दौड़ाकर पकड़ा, दूसरा भी गिरफ्तार

Ambikapur News: पत्नी को 15 साल के लडक़े के साथ आपतिजनक हालत में देख बौखला गया पति, दोनों को बेदम पीटा, 1 की मौत