अंबिकापुर

Ambikapur Intern Doctors Protest: इंटर्न डॉक्टरों ने अस्पताल के सामने खोली ‘एमबीबीएस चायवाला’ दुकान, कहा- हमारा स्टाइपेंड एक चायवाले से भी कम

Intern Doctors Protest: राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के सामने खोली चाय की दुकान, लोगों को पिलाई चाय, कहा- एक घंटे में कमाएं 600 रुपए
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Intern Doctors Unique protest in Ambikapur
Ambikapur Intern Docdtors Protest, लोगों को चाय पिलाते इंटर्न डॉक्टर्स (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर अंबिकापुर के इंटर्न डॉक्टर पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर अब तक पहल नहीं हो पाई है। इसी बीच 17 अगस्त को इंटर्न डॉक्टरों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन (Unique Protest) किया। उन्होंने राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने एमबीबीएस चायवाला दुकान खोली और मरीजों के परिजनों तथा अन्य लोगों को चाय पिलाई। उनका कहना था कि हमारा स्टाइपेंड एक चाय वालें की कमाई से भी कम है। बता दें कि इंटर्न डॉक्टरों को छत्तीसगढ़ में 15 हजार 900 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। इंटर्न डॉक्टर इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग कर रहे हैं।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड (Intern Doctors Stipend) 15 हजार 900 से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग को लेकर 4 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि ओडिशा में इंटर्न एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रतिमाह 30000 हजार रुपए स्टाइपेंड दिया जाता है। इसी बीच सोमवार को इंटर्न डॉक्टरों ने विरोध को आगे बढ़ाते हुए एमबीबीएस चायवाला दुकान खोलकर लोगों को चाय पिलाई।

Ambikapur Intern Doctors protest, स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते इंटर्न डॉक्टर्स (Photo- Patrika)

इस दौरान उन्होंने एमबीबीएस चायवाला लिखा डिब्बा वहां रख दिया। उस पर उन्होंने लिखा कि जितनी मर्जी रकम दे सकते है। एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को चाय पिलाते देख मरीजों के परिजन समेत वहां से गुजर रहे राहगीरों ने भी चाय पी।

MBBS Chaywala: 1 घंटे में 600 रुपए की कमाई

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने 1 घंटे में 600 रुपए की चाय बेची। जबकि उन्हें 12 घंटे से अधिक ड्यूटी करने के बाद भी एक दिन के मात्र 530 रुपए मिलते हैं। इस हिसाब से एक चायवाला भी हमसे ज्यादा कमाई करता है। हमारा स्टाइपेंड एक चायवाले से भी कम है।

उन्होंने फिर दोहराया कि उनका स्टाइपेंड कम से कम 30 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे ओपीडी के साथ ही आईसीयू समेत वार्डों में भी पूरे समर्पण के साथ दिन-रात ड्यूटी करते हैं, इसके बावजूद उन्हें इतना कम स्टाइपेंड मिल रहा है।

और तेज करेंगे आंदोलन

इंटर्न डॉक्टरों का कहना था कि डॉक्टर बनने के बाद भी हम आर्थिक रूप से इतने कमजोर हैं कि परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। जबकि हमसे ड्यूटी पूरी ली जाती है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगों पर शासन (Intern Doctors demand) की ओर से जल्द ही अमल नहीं किया गया तो हम और तेज आंदोलन करेंगे।

Updated on:
17 Aug 2026 06:38 pm
Published on:
17 Aug 2026 06:37 pm