अंबिकापुर

Jholachhap doctor treatment: Video: महिला के हाथ-पैर में था दर्द, झोलाछाप डॉक्टर लेकर आया था 3 इंजेक्शन, पहला लगाते ही मौत

Jholachhap doctor treatment: झोलाछाप डॉक्टर ने महिला को लगाने के लिए 3 इंजेक्शन भरा था, पहला इंजेक्शन लगाते ही हो गई बेहोश, तबियत खराब देख डॉक्टर हो गया फरार

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Woman family in medical college hospital

अंबिकापुर. बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम भलोईझोर निवासी महिला की तबियत दो दिनों से खराब थी। मंगलवार को परिजन ने गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर (Jholachhap doctor treatment) से उसका इलाज कराया। डॉक्टर द्वारा पहला इंजेक्शन लगाते ही महिला बेहोश गई। परिजन उसे वाड्रफनगर अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अंबिकापुर में जांच पश्चात चिकत्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में परिजन ने झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर थाना क्षेत्र के ग्राम भलोईझोर निवासी लक्ष्मनिया पति लोभावन 45 वर्ष के हाथ-पैर में दो दिन से दर्द था। परिजन मंगलवार की शाम को गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर विनोद वर्मा (Jholachhap doctor treatment) को बुलाकर इलाज करवाया। इलाज के दौरान झोलाछाप डॉक्टर ने महिला को इंजेक्शन लगाया।

इंजेक्शन लगाते ही महिला उल्टी करने लगी और उसकी स्थिति अचानक (Jholachhap doctor treatment) बिगडऩे लगी। इसके बाद महिला बेहोश हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए वाड्रफनगर अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचते ही मौत

परिजन किसी तरह उसे वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर करने पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जांच पश्चात चिकित्सकों ने उसे मृत (Jholachhap doctor treatment) घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर विनोद वर्मा पर गलत इंजेक्शन देने और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है।

Jholachhap doctor treatment: पूर्व से नहीं थी कोई बीमारी

लक्ष्मनिया की बेटी सुशीला का कहना है कि मेरी मां को पूर्व से कोई बीमारी नहीं थी। हाथ-पैर में दर्द होने की शिकायत पर गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर (Jholachhap doctor treatment) विनोद वर्मा को इलाज के लिए बुलाए थे। विनोद वर्मा गांव में लोगों को इलाज करता है।

तबियत बिगड़ते ही डॉक्टर फरार

परिजन का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टर (Jholachhap doctor treatment) ने 3 इंजेक्शन में पहले दवाई भरी। पहला इंजेक्शन लगाते ही लक्ष्मनिया उल्टी करने लगी और बेहोश हो गई। उसे बेहोश होते और उसकी स्थिति गंभीर होता देख झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग गया।

परिजन का बयान दर्ज

मामले में झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन (Jholachhap doctor treatment) लगाने से मौत होने की जानकारी देने पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज किया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को उसका शव सौंप दिया।

Updated on:
12 Mar 2025 07:24 pm
Published on:
12 Mar 2025 07:13 pm
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