96 हजार गंवाने के बाद समझ में आई बात, ईनाम का लालच देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 सदस्य मध्यप्रदेश से गिरफ्तार
अंबिकापुर. मोबाइल पर ईनाम जीतने का मैसेज कर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के ३ युवकों को मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने युवकों के पास से 60 हजार रुपए नगद, चार मोबाइल व दो एटीएम सहित एक बाइक भी बरामद किया है। कार्रवाई एक युवक की रिपोर्ट पर की गई।
युवक को मैसेज मिला था कि उसने 3 लाख रुपए नकद व पल्सर बाइक जीती है। गिरोह के झांसे में आकर उसने 96 हजार 100 रुपए गंवा दिए थे। मुख्य आरोपी ने एमए तक पढ़ाई की है। झांसे में लेने के बाद वे युवती को अधिकारी बताकर उससे बात कराते थे।
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गौरतलब है कि 16 फरवरी 2018 को मेंड्राकला निवासी कुलदीप राजवाड़े पिता शिव प्रसाद राजवाड़े ने मणिपुर चौकी में एफआईआर दर्ज कराई थी कि मोबाइल क्रमांक 8959736408 व 9516024080 से आइडिया कम्पनी का हवाला देते हुए उसके पास एक मैसेज आया था। उसमें लिखा था कि आपके लकी मोबाइल नंबर ने 3 लाख रुपए व एक प्लसर गाड़ी जीता है।
इसके साथ ही दूसरे नम्बर पर 500 रुपए का रिचार्ज कराकर इसे प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद इंकमटैक्स व फिल्डिंग चार्ज के नाम पर धीरे-धीरे करके एकाउंट नम्बर 33290793106 व 33124171937 में 95 हजार 600 रुपए जमा कराया था। इसके बाद मोबाइल नम्बर से फोन करके और रुपए जमा करने को कहा गया, नहीं तो जमा रकम भी नहीं मिलने की बात कही गई। पुलिस मामले में शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धारा 420 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।
आरोपियों की धरपकड़ हेतु आईजी हिमांशु गुप्ता, एसपी सदानंद कुमार के मार्गदर्शन में व एडिशनल एसपी रामकृष्ण साहू व सीएसपी आरएन यादव के निर्देशन में कोतवाली, क्राइम ब्रांच व साइबर सेल की टीम को लगाया गया था।
मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी ने बताया कि मोबाइल लोकेशन पर जो जानकारी मिली उसके आधार पर क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ रवाना हुई। पहली बार जब टीम टीकमगढ़ पहुंची तो वहां लोगों ने आरोपियों की जानकारी होने के बावजूद उनके गिरफ्तार करने का विरोध किया। इसके बाद टीम वापस लौट गई थी।
आरोपियों की धरपकड़ हेतु पुलिस फिर से टीकमगढ़ गई। इस बार टीकमगढ़ से पुलिस ने ग्राम गोबा निवासी 26 वर्षीय आशीष यादव पिता गणेश यादव, 19 वर्षीय सुनील यादव उर्फ वसुला पिता प्रभुदयाल व ग्राम जोरा निवासी 25 वर्षीय सुनिल यादव उर्फ पप्पु पिता शंकर यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
उन्होंने पुलिस को बताया कि वे लोग फोन करके पैसा तथा बाइक जीतने का झांसा देकर दूसरे के एकाउंट में रुपए जमा कराते हैं तथा रुपए जमा होने पर एटीएम से निकालकर आपस में सभी बांट लेते हैं। उनके गिरोह में देवेन्द्र यादव, हैप्पी यादव, रोहित यादव व अंकित यादव भी शामिल हैं।
60 हजार रुपए व बुलेट बाइक जब्त
शिकायतकर्ता द्वारा जिस एकाउंट में रुपए जमा कराए गए थे, उस एकाउंट नम्बर का एटीएम कार्ड, 60 हजार रुपए व बुलेट बाइक जब्त कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने हेतु पुलिस रिमांड पर लिया है। कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी विनय सिंह बघेल, एसआई प्रमोद यादव, एएसआई राजेश्वर महंत, आरक्षक विमल सिंह, दिवाकर मिश्रा, प्रवीण सिंह, क्राइम ब्रांच व साइबर सेल के एसआई मनीष यादव,
एएसआई विनय सिंह, प्रधान आरक्षक रामअवध सिंह, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, भोजराज पासवान, राकेश शर्मा, बृजेश राय, जयदीप सिंह, नितिन सिन्हा, दिनदयाल सिंह, जितेश साहू, अमित विश्वकर्मा, अमृत सिंह, विवेक राय, मनीष यादव, अंशुल शर्मा, अनुज जायसवाल सहित अन्य शामिल थे।
कई गांव कर रहा है ठगी का काम
एडिशनल एसपी रामकृष्ण साहू ने बताया कि आरोपी सुनील यादव फोन कर लोगों को नगद व बाइक जीतने का झांसा देता था। इसके बाद एक लड़की को अपना अधिकारी बताकर उससे बात कराता था और दूसरे नंबर पर रिचार्ज कराने की बात करता था। इसके बाद जब लोगों द्वारा उसके बताए खाते में रुपए जमा कराया जाता था तो आशीष यादव खाते से रुपए निकाल लेता था। उन्होंने बताया कि इस काम में टीकमगढ़ के आसपास के सैकड़ों युवा इस धंधे में संलिप्त हैं।
अब तक कई लोगों को बना चुके है शिकार
आरोपी आशीष यादव ने पुलिस को बताया कि वह एमए तक पढ़ा लिखा है। अब तक उनके गिरोह ने कई लोगों को अब तक अपना शिकार बनाया है। उन्होंने बताया कि इस काम में लगभग 40 गांव के 80 प्रतिशत लोग लगे हैं। अब तक वह लाखों रुपए की ठगी कर चुका है।