कटनी-गुमला एनएच की दुर्दशा पर कांग्रेसी विधायक ने किया चक्काजाम, एनएच के इइ व ठेका कंपनी पर एफआईआर कराने दी शिकायत
बतौली. एनएच-43 की बदहाली तथा पूर्व ठेकेदार द्वारा काम छोड़ दिए जाने से नाराज सीतापुर विधायक ने कांग्रेसी समर्थकों के साथ बतौली चौक पर 1 घंटे तक लेटकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने थाने में शिकायत आवेदन देकर एनएच के इइ व ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
इससे पूर्व उन्होंने चिरंगा मोड़ पर समर्थकों के साथ धान का रोपा भी लगाया। इसके बाद डेढ़ किमी तक पैदल चलते हुए लेटकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्थ कंपनी के मैनेजर द्वारा कुछ कहे जाने पर कांग्रेसी आक्रोशित हो गए। इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
गौरतलब है कि एनएच की बदहाली से त्रस्त बतौली नागरिक मंच ने पिछले दिनों ज्ञापन सौंपकर रविवार को चक्काजाम की चेतावनी दी थी। इसके बाद एनएच विभाग द्वारा सड़क की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया था। इधर एसडीएम व थाना प्रभारी ने बतौली विकास मंच नागरिक समिति से चर्चा कर सभी मांगों को 15 दिन के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया था।
इस पर उन्होंने आंदोलन वापस ले लिया था। इसके बाद सीतापुर विधायक अमरजीत भगत ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ रविवार की दोपहर करीब 1 बजे एनएच पर स्थित चिरंगा मोड़ पर रोपा लगाया। फिर वहां से रैली की शक्ल में पैदल चलकर बतौली-बगीचा चौक पहुंचे और सड़क पर लेटकर 2 से 3 बजे तक प्रदर्शन किया।
विधायक 1 घंटे तक सड़क पर ही लेटे रहे। मौके पर एसडीएम अतुल शेटे, एडिशनल एसपी रामकृष्ण साहू, बतौली थाना प्रभारी अविनाश सिंह मौजूद थे। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि एनएच के काम में लगे मजदूरों का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। उन्होंने सड़क सुधार कराने जाने की भी मांग की।
इधर विधायक के प्रदर्शन से पूर्व एनएच की बदहाली को लेकर करीब 12 बजे जोगी कांग्रेस के मुन्ना टोप्पो ने भी बगीचा चौक पर समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया।
करेंगे थाने का घेराव
चक्काजाम के बाद विधायक थाने पहुंचे और ठेका कंपनी व एनएच के इइ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर इनकी गिरफ्तारी नहीं होती है तो उनके द्वारा थाने का घेराव किया जाएगा।
गायब रहे एनएच के अधिकारी, मैनेजर की बात पर भड़के कांगे्रसी
प्रदर्शन के दौरान एनएच का कोई भी अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। इस दौरान पार्थ कंपनी के मैनेजर अनिल विश्वकर्मा वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वे टर्मिनेट हो चुके हैं। इस दौरान लेनदारों से किसी बात पर उनका विवाद हो गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामला शांत कराया।